Why Bangladesh China-backed drone factory: बांग्लादेश ने Bogra एयरबेस पर चीन की मदद से ड्रोन निर्माण फैक्ट्री स्थापित करने का फैसला किया है. बांग्लादेश इसे सेल्फ-रिलायंस और डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए बता रहा है, लेकिन असल में ये शी जिनपिंग की स्ट्रैटेजी का हिस्सा लगता है भारत को पूर्वी तरफ से घेरना. मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने ये क्लियरेंस दिया, जो डिफेंस पोर्टफोलियो भी संभाल रहे हैं.
Bogra बेस पर बनेगी फैक्ट्री
27 जनवरी को बांग्लादेश एयर फोर्स और चाइना इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी ग्रुप कॉर्प (CETC) के बीच यह समझौता हुआ. CETC चीन का सरकारी कंपनी है जो UAV, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, संचार और सैन्य सॉफ्टवेयर में विशेषज्ञ है. समझौते के तहत बांग्लादेश में UAV निर्माण और तकनीकी हस्तांतरण किया जाएगा. फैक्ट्री को Bogra एयरबेस में स्थापित किया जाएगा, जिसे रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है. प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग Tk 608 करोड़ (~$55 मिलियन) है.
क्यों है Bogra लोकेशन इतना खतरनाक?
Bogra उत्तर बांग्लादेश में है, भारत की बॉर्डर से महज 20-30 किमी दूर. सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के बिल्कुल पास है. वो पतली पट्टी जो भारत को नॉर्थईस्ट से जोड़ती है. यहां से ड्रोन उड़ाए तो आसानी से भारत की बॉर्डर, एयरस्पेस, Meghalaya, असम जैसी जगहों पर नजर रख सकते हैं. हाई-रेजोल्यूशन इमेजरी, सिग्नल इंटेलिजेंस कलेक्ट कर सकते हैं.चीनी सॉफ्टवेयर और सेंसर्स से डेटा बीजिंग तक जा सकता है.
कौन-कौन से ड्रोन बनेंगे?
बांग्लादेश एयर फोर्स MALE और VTOL ड्रोन तैयार करेगा. ये UAVs सैन्य और नागरिक दोनों उद्देश्यों के लिए काम आएंगे, जैसे आपदा प्रबंधन, सीमा निगरानी और reconnaissance मिशन. अनुमानित मॉडल XY-I ड्रोन है, जो स्वायत्त उड़ान, लंबी उड़ान क्षमता और हथियार ले जाने में सक्षम होगा.
भारत क्यों चिंतित है?
भारत की चिंता है कि यह फैक्ट्री पूर्वी और उत्तर-पूर्वी सीमाओं के पास चीनी सैन्य प्रभाव और तकनीकी पकड़ बढ़ाएगी. लंबी दूरी वाले UAVs से सीमा निगरानी और गुप्त जानकारी एकत्र करने की क्षमता बढ़ सकती है. विशेषज्ञ इसे चीन की “String of Pearls” नीति का हिस्सा मान रहे हैं, जिसमें चीन दक्षिण एशिया और हिंद महासागर में अपनी सैन्य और आर्थिक पकड़ मजबूत कर रहा है. Bogra फैक्ट्री चीन को भारत के पड़ोसी इलाके में स्थायी सैन्य आधार बनाने का अवसर देती है.
रणनीतिक महत्व
चीन-बांग्लादेश UAV परियोजना केवल तकनीकी सहयोग नहीं है, बल्कि भविष्य के रणनीतिक संतुलन पर असर डालने वाली बड़ी पहल है.इससे भारत की पूर्वी रणनीति और सीमावर्ती सुरक्षा प्रभावित हो सकती है.
यूनुस सरकार का रोल और शी जिनपिंग का प्लान
यूनुस सरकार आने के बाद बांग्लादेश चीन की तरफ तेजी से झुक रहा है. मार्च 2025 में यूनुस का चीन दौरा हुआ, जहां बड़े-बड़े डील्स हुए. अब ये ड्रोन फैक्ट्री. पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार के बाद बांग्लादेश. शी जिनपिंग का प्लान साफ: बेल्ट एंड रोड से मिलिट्री फुटप्रिंट बढ़ाना, भारत को घेरना.
