New York City Mayor: दुनियाभर में चर्चाओं में रहने वाले न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार ममदानी हिजाब का समर्थन करके घिर गए हैं. वर्ल्ड हिजाब डे पर ममदानी ने एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि हम दुनिया भर की उन मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों के विश्वास, पहचान और गर्व का जश्न मनाते हैं जो हिजाब पहनना चुनती हैं, जो मुस्लिम विरासत की भक्ति और जश्न का एक शक्तिशाली प्रतीक है. उनकी इस पोस्ट को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया है और इसपर लोग कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
तो आप क्यों चुप रहे?
ईरानी-अमेरिकी पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने ममदानी को टारगेट करते हुए लिखा कि आप वर्ल्ड हिजाब डे मना रहे हैं. ईरान में बाल ढकने से मना करने पर मारी जा रही महिलाओं पर आप चुप रहे, उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि आप क्यों चुप रहे? उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि मेयर ममदानी, जब ईरान में बड़े पैमाने पर हत्याएं हो रही हैं, तो आपने चुप्पी साध ली.
Mr really? Right now?
To be honest, I feel tortured in my own beautiful city of New York, watching you celebrate “World Hijab Day” while women in my wounded country, Iran, are being jailed, shot, and killed for refusing the hijab and the Islamic ideology behind… https://t.co/EW0GLq9I5nFebruary 4, 2026
महिलाओं को जेल में डाला जा रहा
एक पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि मिस्टर ममदानी सच में? अभी? सच कहूं तो, मैं अपने ही खूबसूरत शहर न्यूयॉर्क में टॉर्चर महसूस कर रही हूं, जब मैं आपको “वर्ल्ड हिजाब डे” मनाते हुए देख रही हूं, जबकि मेरे घायल देश, ईरान में औरतों को हिजाब और उसके पीछे की इस्लामिक सोच को मना करने पर जेल में डाला जा रहा है, गोली मारी जा रही है और मार दिया जा रहा है. आपकी तरफ से हमदर्दी का एक भी शब्द नहीं, एकजुटता का कोई इजहार नहीं. ईरान में अभी हो रहे नरसंहार की एक भी खोखली बुराई नहीं, जश्न के साथ आपकी चुप्पी शर्मनाक है, आप औरतों के साथ नहीं खड़े हैं, आप हमारे जेलर के साथ खड़े हैं.
अर्थशास्त्री ने लिखी ये बात
इसके अलावा तुर्की-अमेरिकी अर्थशास्त्री तैमूर कुरान ने लिखा कि सबसे पहले, हिजाब इस्लाम के अंदर बंटवारे की निशानी भी है, ईरान, तुर्की, सऊदी अरब और दूसरी जगहों पर, लाखों “औरतें और लड़कियां” (लेकिन मर्द और लड़के भी) हिजाब को ज़ुल्म और पिछड़ेपन की निशानी मानते हैं. वर्ल्ड हिजाब डे इन दूसरे मुसलमानों की “आस्था, पहचान और गर्व” को कम करता है. दूसरी बात, किसी एक धर्म के कुछ लोगों के पसंदीदा कपड़ों के स्टाइल को सेलिब्रेट करना धार्मिक भेदभाव है. क्या NYC ऑर्थोडॉक्स यहूदी मर्दों के सम्मान में वर्ल्ड यारमुल्के डे मनाएगा? या सिख मर्दों के विश्वास का जश्न मनाने के लिए वर्ल्ड टर्बन डे मनाएगा? आखिर में, पहचान की राजनीति US की राजनीति में एक अस्थिर करने वाली और ध्रुवीकरण करने वाली ताकत रही है. NYC का यह कदम आग में घी डालने जैसा है.
