PM Modi: पीएम मोदी इस समय मलेशिया के दौरे पर हैं, यहां पर पीएम मोदी का खास तरह से स्वागत किया गया. मेहमानवाजी से खुश होकर पीएम मोदी ने कहा मेरे मित्र और मलेशिया के प्रधानमंत्री मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, आपने जो आयोजन किया ये हमेशा याद रहने वाला है. इसके अलावा द्विपक्षीय वार्ता में पीएम ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में दोस्त देशों का सपोर्ट बहुत जरूरी है. हमारा पक्का मानना ​​है कि भारत और मलेशिया की खुशहाली एक-दूसरे से जुड़ी हुई है.

पीएम को हुआ मित्रता का एहसास
द्विपक्षीय वार्ता में बोलते हुए पीएम ने कहा कि मेरे मित्र और मलेशिया के प्रधानमंत्री मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. जिस प्रकार मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया. मैंने देखा है कि परंपराओं से हटकर एक प्रकार से मलेशिया के जीवन को आपने कुछ ही घंटों में बहुत बखूबी प्रस्तुत किया और इतने अच्छे से जो आयोजन किया ये हमें हमेशा याद रहना वाला है. इसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं मित्रता क्या होती है और मित्रता की ऊंचाई और गहराई क्या होती है ये मैं पूरी तरह अनुभव कर रहा हूं इसके मैं आपका आभारी हूं.

आसियान के साथ गहरे होंगे रिश्ते
आगे कहा कि आज, खेती और मैन्युफैक्चरिंग से लेकर क्लीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर तक, हर सेक्टर में हमारा सहयोग गहरा हो रहा है. हम स्किल डेवलपमेंट और कैपेसिटी बिल्डिंग में भी अहम पार्टनर हैं. हमारा डिफेंस और सिक्योरिटी सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है. मैं एक बार फिर आपको ASEAN की सफल चेयरमैनशिप के लिए बधाई देता हूं. हमें भरोसा है कि मलेशिया के सहयोग से, ASEAN के साथ हमारे रिश्ते और गहरे और बढ़ेंगे. हमारे रिश्ते की असली ताकत हमारे लोगों के बीच आपसी संबंधों में है. भारतीय मूल के लगभग 3 मिलियन मलेशियाई नागरिक हमारे दोनों देशों के बीच एक जुड़ा हुआ पुल हैं.

पीएम ने बताया कि पिछले वर्ष मैं ASEAN समिट के लिए मलेशिया की यात्रा नहीं कर पाया. लेकिन मैंने मेरे प्रिय मित्र को वादा किया था मैं जल्द से जल्द मलेशिया आऊंगा और आज वर्ष 2026 की पहली विदेश यात्रा में मैं मलेशिया हूं.

 

आतंकवाद के खिलाफ सपोर्ट है जरूरी
साथ ही साथ कहा कि कल, मुझे भी आपके साथ डायस्पोरा के सदस्यों से मिलने का मौका मिला, यह एक बहुत ही खास अनुभव था, और मैंने डायस्पोरा में आपके लिए जो पर्सनल सम्मान और लगाव है, उसे देखा, जो कल साफ दिखा, मुझे गर्व महसूस हुआ. आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में दोस्त देशों का सपोर्ट बहुत जरूरी है. हमारा पक्का मानना ​​है कि भारत और मलेशिया की खुशहाली एक-दूसरे से जुड़ी हुई है. ग्लोबल अस्थिरता के इस माहौल में, दो समुद्री पड़ोसी देशों, भारत और मलेशिया के लिए अपने रिश्ते की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करना जरूरी है. आज मेरे दौरे का मुख्य संदेश बहुत साफ है, भारत मलेशिया के साथ मिलकर अपने रिश्ते को एक नए लेवल पर ले जाना चाहता है और हर मुमकिन एरिया में सहयोग बढ़ाना चाहता है.