Muslims in US: ट्रंप के बेहद करीबी और अमेरिकी सांसद ब्रैंडम गिल के एक बयान ने अमेरिका में तूफान मचा दिया है. अपने विवादित बयानों से सुर्खियों में रहने वाले ब्रैंडम का कहना है कि अमेरिका के शहरों में घूमते हुए ऐसा लगता है, जैसे हम पाकिस्तान में रह रहे हैं. मॉल में जाओ तो ऐसा लगता है जैसे डलास या टेक्सस नहीं, बल्कि पाकिस्तान में घूम रहे हैं. बड़े पैमाने पर मुसलमानों का रिहाइस उस अमेरिका को नष्ट कर रहा है, जिसे हम जानते हैं.
ब्रैंडमन का कहना है कि मॉल में जाओ तो लगता है पाकिस्तान में हैं.. हम जिस इलाके में रहते हैं, वहां बड़ी तादाद में हमारी ही ज़मीनों पर मस्जिदें बनाई जा रही हैं. मेरे मतदाता इस बात से डरे हुए हैं. ऐसे में उन्हें मॉल भी नहीं जाना चाहिए.
ये पहली बार नहीं है, जब ब्रैंडम गिल ने इस तरह का विवादित बयान दिया हो.
पिछले साल ही जून में जब न्यूयॉर्क में मेयर का चुनाव लड़ रहे जौहरान ममदानी का हाथ से चावल खाते हुए वीडिया सामने आया था, तो ब्रैंडम ने उन्हें खूब ट्रोल किया था. ब्रैंडम ने कहा था कि अमेरिका में सभ्य लोग ऐसे नहीं खाते. अपने देश वापस जाइए.
ब्रैंडम गिल लंबे वक्त से अमेरिका में बढ़ते इस्लामीकरण के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. 2024 में अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुने गये गिल पहले भी इस्लाम और पाकिस्तान पर निशाना साध चुके हैं
इस्लाम किसी जहाज से अमेरिका में नहीं आया… हमने अपनी प्रवासी नीतियों से इसे आयात किया है. कट्टरपंथी इस्लाम अमेरिका को उसी तरह नष्ट कर देगा, जैसे वो यूरोप को कर रहा है.
अमेरिका के कई मुस्लिम संगठनों ने ब्रैंडम के इस बयान की निंदा की है. इसे अमेरिकी मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने वाला बताया है. मुस्लिम समुदाय का कहना है कि ऐसे बयान मुस्लिमों को टारगेट करते हैं. और इससे अलगाव पैदा होगा
ब्रैंडम गिल को इस तरह का बयान क्यों देना पड़ा. इसके पीछे भी एक बड़ी वजह है.. प्यू रिसर्च के मुताबिक अमेरिका में मुस्लिम आबादी तेज़ी से बढ़ रही है.
2007 में अमेरिकी की मुस्लिम जनसंख्या 0.4 प्रतिशत थी. जो 2014 में 0.9 फीसदी हो गई और 2023-24 में ये 1.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है. पिछले 16 से 17 साल में अमेरिका में मुस्लिम आबादी दोगुनी हो गई है..
2025 तक अमेरिका में 35 लाख मुस्लिम आबादी है.. इनमें से 5 लाख 80 हज़ार लोग खुद को पाकिस्तानी मूल का बताते हैं. इतनी बड़ी मुस्लिम आबादी के साथ इस्लाम अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक समूह बनने जा रहा है. शायद यही वो वजह है जिसके बाद अमेरिकी लोगों भी डेमोग्राफी बदल जाने का डर सता रहा है
