French President Emmanuel Macron: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे 17-19 फरवरी के लिए भारत आ रहे हैं. ये दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ते रिश्ते के लिए अहम माना जा रहा है. राष्ट्रपित मैक्रों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 17 फरवरी को भारत पहुंचेंगे और 19 फरवरी 2026 तक रुकेंगे. इस दौरा में ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष’ की शुरुआत, रक्षा, एआई और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने पर फोकस है.
होराइजन 2047 रोडमैड
फ्रांसी राष्ट्रपति का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी में हो रही तरक्की से खुश हैं. दोनों देशों के बीच के रिश्ते को 2023 में मजबूती मिली थी, जब इस साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ पर ‘होराइजन 2047 रोडमैड’ अपनाया गया था. इस रोडमैड के तहत 2027 तक दोनों देशों के रिश्तों का एक नस्शा तैयार किया गया है. इस रोडमैड की खास बात ये है कि 2027 में भारत की आजादी और फ्रांस के साथ हमारे राजनयिक संबंधों के 100 साल पूरे हो जाएंगे.
भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान
इस दौरे पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान दिया है कि “दोनों नेता ‘होराइजन 2047 रोडमैड’ में बताए गए विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे.” वहीं दोनों नेताओं के बीज क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों को लेकर भी बात होगी, जिससे हिंदू-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में सहयोग जैसे विषय शामिल हैं.
मुंबई और दिल्ली का दौरा
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा का मुख्य आकर्षण मैक्रों और पीएम मोदी की मुंबई यात्रा होगी. यहां दोनों साथ मिलकर ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष’ का उद्घाटन करने वाले हैं. ये पूरे 1 सला चलने वाला उत्सव है, जिसमें तकनीक और अनुसंधान में साधा प्रयासों का जश्न मनाया जाएगा. इसके बाद 19 फरवरी को फ्रांसीसी राष्ट्रपति नई दिल्ली पहुंचेंगे, यहां वे ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में शामिल होंगे.
पीएम मोदी के फरवरी 2025 की फ्रांस यात्रा
राष्ट्रपति मैक्रों का ये दौरा पीएम मोदी के फरवरी 2025 के फ्रांस यात्रा के बाद हो रहा है. ये दौरान दोनों देशों के बीच की आपसी विश्वास और गहरी रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है. वहीं इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फांस का दौरा किया था. इस दौरान उनकी फ्रांसीसी विदेश मंत्री जीन-नोएल बारोट से बातचीत हुई थी. इस यात्रा के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने दोनों देशों के संबंधों को “दोनों देशों के रणनीतिक साझेदारी की गहराई से प्रेरित” बताया था.
राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण
राष्ट्रपति मैक्रों ने इस दौरान के बाद पीएम मोदी और जर्मन चांसलर को केन्या के नैरोबी में आमंत्रित किया है. 11-12 मई 2026 को नेरोबी में ‘अफ्रीका-फ्रांस शिखर सम्मेलन’ होने वाले हैं.
