Preparations for Shivratri at Pashupatinath Temple: महाशिवरात्रि के लिए देश-दुनिया के मंदिरों में जोरदार तैयारियां चल रही हैं. नेपाल का पशुपतिनाथ मंदिर भी इसमें पीछे नहीं है. वह यूनेस्को की ओर से घोषित विश्व धरोहर स्थल और एक प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थल है. अब महाशिवरात्रि के लिए उसे नए सिरे से सजाया जा रहा है. 

मंदिर की संरचनाओं को सफेद रंग से रंगा गया है. साथ ही अंदरुनी दीवारों पर पेंट करके सफाई व्यवस्था मजबूत की गई है. नागा बाबा सहित संत और साधु मंदिर के आसपास विभिन्न स्थानों पर डेरा डाल चुके हैं. पशुपतिनाथ मंदिर चौबीसों घंटे व्यस्त रहता है.

ढाई हजार संतों ने डाला है डेरा

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इस वर्ष नेपाल और भारत के विभिन्न हिस्सों से करीब ढाई हजार संत पशुपति नाथ मंदिर पहुंचे हैं. उनका पशुपति क्षेत्र विकास ट्रस्ट की ओर से स्वागत किया जा रहा है. ऐसे ही एक शैव संन्यासी ने बताया, ‘मैं पश्चिम बंगाल से शिवरात्रि के लिए आया हूं. मैं हर साल आता हूं. यहां का माहौल बहुत अच्छा है.’ 

भारत से पशुपतिनाथ दर्शन के लिए पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया, ‘मैं कोलकाता से शिवरात्रि के लिए पशुपतिनाथ मंदिर आया हूं. मैं पिछले तीन साल से यहां आ रहा हूं. मुझे यह जगह और यहां की सुविधाएं बहुत पसंद हैं. मैं पशुपतिनाथ मंदिर दर्शन करना चाहता था. मेरे लिए पशुपतिनाथ मंदिर बहुत प्रिय है.’ 

इस दिन मनाई जा रही शिवरात्रि

बताते चलें कि इस बार महाशिवरात्रि का पर्व रविवार 15 फरवरी को मनाया जा रहा है. इस वर्ष मंदिर में लगभग 20 लाख तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है.

‘महाशिवरात्रि’ को भगवान शिव की रात्रि के रूप में जाना जाता है. नेपाल, भारत और अन्य हिंदू बहुल देशों में यह त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. सामान्यतः महाशिवरात्रि चंद्र कैलेंडर के अनुसार चंद्र मास की 13वीं रात्रि या 14वीं तिथि को पड़ती है. शिवरात्रि के दिन हर शिव मंदिर तीर्थयात्रियों से खचाखच भर जाता है. 

अपनी उत्तम स्थिति में होते हैं तारे

ऐसा माना जाता है कि इस दिन उत्तरी गोलार्ध में तारे अपनी सर्वोत्तम स्थिति में होते हैं. जो व्यक्ति की आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करते हैं. यह भी विश्वास है कि इस दिन वर्ष भर में शिव सिद्धांत सबसे अधिक सक्रिय रहता है. महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन को चिह्नित करते हुए मनाई जाती है.

महाशिवरात्रि उस रात्रि का भी उत्सव है जब भगवान शिव ने ‘तांडव’ नृत्य – ब्रह्मांडीय नृत्य किया था.लाखों भक्त काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में आते हैं, जो हिंदू धर्म के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है. पशुपतिनाथ को काठमांडू घाटी और नेपाल का रक्षक और संरक्षक माना जाता है.

(एजेंसी एएनआई)