Sheikh Hasina: बांग्लादेश की सियासत में एक बार फिर से BNP ने शानदार वापसी की है. चुनाव में BNP ने 212 सीटों पर जीत हासिल की. BNP के अध्यक्ष तारिक रहमान का बांग्लादेश का पीएम बनना लगभग तय है. इस चुनाव में आवामी लीग ने पूरी तरह से बैन कर दिया था. शेख हसीना की पार्टी चुनाव नहीं लड़ पाई थी. बांग्लादेश में भारत की पूर्व हाई कमिश्नर वीना सीकरी ने कहा है कि बांग्लादेश के नए पीएम के फैसले पर शेख हसीना का भविष्य टिका है. जानिए भारत के लिए क्यों अहम है आवामी लीग पर प्रतिबंध हटना.
रोक हटाने पर सोचेंगे पीएम
सीकरी ने ANI से बातचीत में कहा कि हालांकि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी का गठबंधन कांटे की टक्कर में था, लेकिन जमात-ए-इस्लामी ने बेहतर प्रदर्शन किया. अब जब नतीजे आ गए हैं, तो शायद नए प्रधानमंत्री सबसे पहले अवामी लीग के हिस्सा लेने पर लगी रोक हटाने के बारे में सोचेंगे. समय के साथ, जमात-ए-इस्लामी ने अपने वोट को मजबूत करने के लिए बहुत मेहनत की थी, खुद को ऑर्गनाइज किया था और सच में ऐसी स्थिति में आ गए थे जहां BNP अलायंस और जमात-ए-इस्लामी अलायंस कांटे की टक्कर में थे.
शेख हसीना ने किया चैलेंज
साथ ही साथ कहा कि हमें BNP को बधाई देनी होगी, मुझे लगता है कि यह इस शानदार दो-तिहाई बहुमत को हासिल करने के लिए सभी की बधाई की हकदार है. चुनाव के बीच बांग्लादेश अवामी लीग की प्रेसिडेंट शेख हसीना ने 12 फरवरी के चुनावों की लेजिटिमेसी को ऑफिशियली चैलेंज किया है और इस घटना को देश की डेमोक्रेसी के लिए एक शर्मनाक चैप्टर बताया है. पूर्व प्रधानमंत्री ने बड़े पैमाने पर एडमिनिस्ट्रेटिव मैनिपुलेशन और नंबरों में धोखाधड़ी का आरोप लगाया और कहा कि बताए गए आंकड़े पब्लिक की हिस्सेदारी की असलियत को नहीं दिखाते हैं.
काउंटिंग टेबल पर दिखे वोट
शेख हसीना ने शांत पोलिंग स्टेशनों और इलेक्शन कमीशन द्वारा दिए गए फाइनल आंकड़ों के बीच एक बड़े अंतर को हाईलाइट किया और बयान में लिखा था कि पोलिंग स्टेशन पर वोटर नहीं थे फिर भी काउंटिंग टेबल पर वोट दिखे. अवामी लीग के नेता ने डेटा में बहुत अलग-अलग और अवास्तविक पैटर्न की ओर इशारा किया, यह देखते हुए कि सुबह 11:00 बजे तक सिर्फ 14.96 प्रतिशत वोट डाले गए थे, दोपहर तक यह आंकड़ा बढ़कर 32.88 प्रतिशत हो गया. बयान में कहा गया कि इस तेज बढ़ोतरी का मतलब है कि देश भर में हर मिनट लगभग 381,339 वोट पड़े.
क्यों अहम है आवामी लीग पर प्रतिबंध हटना
भारत के लिहाज से आवामी लीग पर प्रतिबंध हटना काफी अहम होगा, क्योंकि शेख हसीना इस समय भारत में है और जब वो सत्ता में थीं तो उनके रिश्ते भारत से काफी अच्छे थे. तख्ता पलट के बाद उन्होंने भारत में शरण ली. कई मौकों पर बांग्लादेश ने शेख हसीना की मांग भी की लेकिन दिल्ली ने इससे साफ इनकार कर दिया. ऐसे में अगर आवामी लीग पर प्रतिबंध हट जाता है तो फिर भविष्य के लिहाज से काफी अच्छा होगा. (ANI)
