Comparison of India and Bangladesh MP Salary Allowances: शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में हुए चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP ने बाजी मारी ली है. अवामी लीग की अनुपस्थिति में हुए चुनाव में उसने संसद में दो तिहाई से ज्यादा सीटें जीत ली हैं. अगले कुछ दिनों में सांसदों की शपथ होगी और तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार देश की कमान संभाल लेगी. इन सबके बीच बांग्लादेश में नए सांसदों को मिलने वाले वेतन और सुविधाओं की चर्चा जोरों पर है. हम आपको बांग्लादेशी और भारतीय सांसदों को मिलने वाली वेतन सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताते हैं.
बांग्लादेशी सांसदों को कितना वेतन मिलता है?
रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश में नए सांसदों को सुविधाएं ‘मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट (रेम्यूनरेशन एंड अलाउंसेज) ऑर्डर, 1973’ के तहत दी जाती हैं. इसके तहत सांसदों को 1 लाख 72 हजार 800 टका (करीब 1 लाख 27 हजार 872 भारतीय रुपये) का नकद भुगतान मिलता है. इसमें 55 हजार टका मूल वेतन, 12 हजार 500 टका निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और 70 हजार टका परिवहन भत्ते के होते हैं.
इसके साथ ही उन्हें 15 हजार टका कार्यालय खर्च भत्ता मिलता है, साथ ही लॉन्ड्री और अन्य भत्ते भी सांसदों को मिलते हैं. खास बात ये है कि इन सभी भत्तों पर कोई टैक्स नहीं लगता है. केवल यही नहीं, बांग्लादेशी सांसदों को ड्यूटी-फ्री लग्जरी वाहन को इंपोर्ट करने की सुविधा भी मिलती है.
साल में एक बार लग्जरी वाहन आयात करने की सुविधा
वे हर पांच साल में विदेशों से एक कार, जीप या माइक्रोबस आयात कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें किसी भी तरह की कस्टम ड्यूटी, वैट या अन्य कोई कर नहीं चुकाने पड़ते हैं. उन्हें आधिकारिक यात्राओं पर दैनिक भत्ते, अपग्रेडेड क्लास यात्रा, सरकारी अस्पतालों में अपने परिवार के लिए मुफ्त इलाज, स्थायी निवास पर फ्री टेलिफोन और बिल कवरेज जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं.
वहीं अगर भारतीय सांसदों की बात करें तो उन्हें ये सुविधाएं अलाउंसेज एंड पेंशन ऑफ मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट एक्ट 1954′ के तहत दी जाती हैं. वर्ष 2025 में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद उनका मूल वेतन अब 1 लाख 24 हजार रुपये मासिक हो गया है.अगर इसमें मासिक भत्तों को जोड़ लिया जाए तो यह रकम 2 लाख 86 हजार रुपये तक पहुंच जाती है.
भारतीय सांसदों को मिलती हैं ये सुविधाएं
इनमें 87 हजार रुपये निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और 75 हजार रुपये कार्यालय भत्ता भी शामिल हैं. यह राशि बांग्लादेशी सांसदों से काफी ज्यादा है, जो भारत की बड़ी अर्थव्यवस्था को भी दर्शाती हैं. यही नहीं, भारतीय सांसदों को दिल्ली में किराया-मुक्त आवास, 50 हजार यूनिट तक मुफ्त बिजली, पानी, 50 हजार फ्री टेलीफोन कॉल्स और ब्रॉडबैंड जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं.
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भारतीय सांसदों को साथी समेत साल में 34 मुफ्त हवाई यात्राएं, असीमित एसी फर्स्ट क्लास ट्रेन यात्रा और संसद सत्रों में ढाई हजार रुपये दैनिक भत्ता भी मिलता है. उन्हें सीजीएचएस के तहत परिवार समेत फ्री मेडिकल सुविधा भी मिलती है. रिटायर होने पर उन्हें पेंशन भी मिलती है, जो 31 हजार रुपये से शुरू होती है और फिर बढ़ती चली जाती है.
बांग्लादेश के मुकाबले भारतीय सांसदों की मौज
अगर बांग्लादेश और भारत के सांसदों के वेतन-भत्तों की तलना की जाए तो भारतीय सांसदों की मौज दिखाई देते हैं. उन्हें अपने बांग्लादेशी समकक्षों की तुलना में दोगुनी मासिक कमाई होती है. हालांकि बांग्लादेश में 5 साल में एक बार ड्यूटी-फ्री वाहन आयात करने जैसी सुविधा है, जो भारत में उपलब्ध नहीं. दोनों मुल्कों में सांसदों को ये सुविधाएं इसलिए दी जाती हैं, जिससे वे बेसिक जरूरतों से फ्री होकर जनता के कल्याण में जुट सकें. लेकिन एक वर्ग इतनी सुविधाओं को लेकर अक्सर आपत्ति भी उठाता रहा है.
