Why Tarique Rahman Meet Nahid Islam Shafiqur Rahman: बांग्लादेश की राजनीति इन दिनों तेजी से करवट लेती दिख रही है. खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी ने 12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनाव में धमाकेदार जीत हासिल करते हुए 299 सीटों में से 212 पर कब्जा कर इतिहास रच दिया है. खालिदा जिया के बेटे बीएनपी (BNP) चेयरमैन तारिक रहमान जो 17 साल लंदन में निर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में वापस आए अब 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. लेकिन शपथ से पहले ही उन्होंने बड़े-बड़े विपक्षी नेताओं से मुलाकात करके बांग्लादेश में नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चाओं को जन्म दे दिया है. समझते हैं पूरी बात.
जमात अमीर से ‘ऐतिहासिक’ मुलाकात: क्या मतलब?
The Daily Star की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 फरवरी शाम को तारिक रहमान ढाका के बसुंधारा में जमात-ए-इस्लामी अमीर डॉ. शफीकुर रहमान के घर पहुंचे. साथ थे बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और स्टैंडिंग कमिटी मेंबर नजरुल इस्लाम खान. शफीकुर ने फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया, मीटिंग करीब 45 मिनट चली. शफीकुर ने बाद में फेसबुक पोस्ट और बयान में कहा कि तारिक का आना “राष्ट्रीय राजनीति का ऐतिहासिक क्षण” है. उन्होंने तारिक को “बांग्लादेश के भावी प्रधानमंत्री” कहकर अग्रिम बधाई दी. द डेली स्टार की रिपोर्ट में लिखा है: “मैं BNP चेयरमैन तारिक रहमान को अग्रिम बधाई देता हूं, जो बांग्लादेश के भावी प्रधानमंत्री होंगे. उनका आना हमारे राष्ट्रीय राजनीति के लिए ऐतिहासिक पल है.”
सरकार को सहयोग, लेकिन विपक्ष की भूमिका बरकरार
शफीकुर ने फासीवाद मुक्त, न्यायपूर्ण और संप्रभु बांग्लादेश का सपना दोहराया. तारिक ने आश्वासन दिया कि चुनाव बाद हिंसा, विपक्षी कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यकों पर हमले रोकने के लिए कड़े कदम उठाएंगे. जमात ने कहा कि वे नई सरकार को राष्ट्रीय हितों में पूरा सहयोग देंगे, लेकिन वैचारिक विपक्ष के रूप में संवैधानिक भूमिका निभाएंगे. “हमारा लक्ष्य टकराव नहीं, सुधार है; बाधा नहीं, निगरानी है,” ये मुलाकात इसलिए मायने रखती है क्योंकि चुनाव में जमात-नीत 11-पार्टी गठबंधन ने 77 सीटें जीतीं, जिसमें जमात अकेले 68 पर जीती है, जो जमात की अब तक की सबसे बड़ी सफलता है. जमात ने कुछ सीटों पर गिनती पर सवाल उठाए थे, लेकिन कुल नतीजे स्वीकार कर लिए. तारिक की ये कोशिश लगती है कि बीएनपी अकेले राज नहीं करना चाहती, बल्कि सभी दलों को साथ लेकर चलना चाहती है.
जमात के बाद NCP नेता से भी मुलाकात, छात्र आंदोलन को जोड़ने का प्लान?
जमात प्रमुख से मिलने के तुरंत बाद तारिक रहमान ने नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के संयोजक नाहिद इस्लाम से भी मुलाकात की. The Daily Star के अनुसार, यह बैठक रात 8:30 बजे ढाका के बेली रोड स्थित नाहिद के घर पर हुई. इस दौरान एनसीपी नेताओं ने बीएनपी की चुनावी जीत पर बधाई दी और चुनाव बाद हुई हिंसा के मामलों में कार्रवाई की मांग भी उठाई है. एनसीपी, जो 2024 के छात्र आंदोलन से निकली पार्टी है, जमात के गठबंधन में थी. अब चुनाव खत्म होने के बाद ये मुलाकात दिखाती है कि तारिक पुराने विवादों को भूलकर छात्र नेताओं और नई पीढ़ी को साथ लाना चाहते हैं.
क्या बदलने वाले हैं राजनीतिक समीकरण? तारिक का क्या है प्लान
लगातार हो रही इन बैठकों को राजनीतिक विश्लेषक आने वाले सत्ता संतुलन का संकेत मान रहे हैं. अलग-अलग दलों के बीच संवाद बढ़ना इस बात की ओर इशारा करता है कि बांग्लादेश में गठबंधन राजनीति का नया दौर शुरू हो सकता है. कुलमिलाकर ये मुलाकातें सिर्फ शिष्टाचार नहीं लगतीं. बीएनपी को दो-तिहाई बहुमत मिला है, लेकिन अर्थव्यवस्था, कानून-व्यवस्था, अल्पसंख्यक सुरक्षा और संवैधानिक सुधार जैसे बड़े चैलेंज हैं. तारिक ने पहले ही कहा है कि बदला नहीं, एकता चाहिए. जमात और एनसीपी को साधकर वे मजबूत विपक्ष को सहयोगी बनाना चाहते हैं, ताकि सरकार स्थिर रहे और कोई बड़ा विरोध न हो.1
17 फरवरी को तारिक रहमान लेंगे शपथ ग्रहण
17 फरवरी को संसद के साउथ प्लाजा में शपथ होगी, जहां अंतरिम चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस सत्ता सौंपेंगे. इस मौके पर कई देशों के नेता आमंत्रित किए गए हैं. कुल मिलाकर, ये मुलाकातें बांग्लादेश की राजनीति में नई शुरुआत का संकेत हैं. जहां सहयोग और सुधार पर फोकस है. लेकिन क्या जमात जैसे विचारधारा वाले दल के साथ तालमेल लंबा चलेगा? समय बताएगा. फिलहाल, तारिक का ये कदम राजनीति बदलने वाला लग रहा है.
