Ofelia Giselle Torres Hidalgo Death: अमेरिका के शिकागो शहर से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है. बता दें कि 16 वर्षीय ओफेलिया गिसेले टोरेस हिडाल्गो, जो अपने पिता के निर्वासन के खिलाफ आवाज उठा रही थीं का कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया. परिवार ने एक बयान जारी कर बताया कि ओफेलिया की शुक्रवार को स्टेज 4 एल्वियोलर रैबडोमायोसारकोमा के कारण मृत्यु हो गई. 

 टिश्यू कैंसर से पीड़ित थी ओफेलिया 

ओफेलिया को दिसंबर 2024 में सॉफ्ट टिश्यू कैंसर के आक्रामक रूप का पता चला था. वो कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी से गुजर रही थीं. बीमारी के बावजूद उन्होंने अपने पिता रुबेन टोरेस माल्डोनाडो की रिहाई के लिए सार्वजनिक रूप से आवाज उठाई थी. माल्डोनाडो को 18 अक्टूबर को शिकागो के उपनगर में एक होम डिपो स्टोर से हिरासत में लिया गया था. यह कार्रवाई अमेरिकी आव्रजन एजेंसी (ICE) द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मिडवे ब्लिट्ज’ के तहत की गई थी. 

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गृह सुरक्षा विभाग ने आरोप लगाया था कि माल्डोनाडो 2003 से अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे थे और उनके खिलाफ बिना वैध लाइसेंस, बीमा के बिना और तेज गति से वाहन चलाने जैसे उल्लंघनों के मामले दर्ज थे. हालांकि, अक्टूबर में एक आव्रजन न्यायाधीश ने उनकी हिरासत को अवैध करार देते हुए जमानत सुनवाई का आदेश दिया था. बाद में उन्हें 2000 डॉलर के बांड पर रिहा कर दिया गया था क्योंकि उनकी कोई आपराधिक हिस्ट्री नहीं थी.

ओफेलिया की मौत से 3 दिन पहले पिता को मिली राहत

ओफेलिया की मृत्यु से 3 दिन पहले शिकागो के एक आव्रजन न्यायाधीश ने फैसला दिया कि माल्डोनाडो निर्वासन रद्द के लिए सशर्त रूप से पात्र हैं. उनके वकीलों के अनुसार, यह निर्णय इस आधार पर लिया गया कि उनके निर्वासन से उनके अमेरिकी नागरिक बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा. यह आदेश उन्हें कानूनी स्थायी निवासी बनने और आगे चलकर अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने का मार्ग प्रदान कर सकता है.

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ओफेलिया ने पिछले सप्ताह जूम के माध्यम से अपने पिता की सुनवाई में भाग लिया था. इससे पहले, अक्टूबर में वह व्हीलचेयर पर बैठकर अदालत में भी पहुंची थीं. एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा था कि उनके पिता एक मेहनती व्यक्ति हैं और केवल इसलिए निशाना बनाए जा रहे हैं क्योंकि वे अमेरिका में पैदा नहीं हुए. माल्डोनाडो के वकील कल्मन रेस्निक ने ओफेलिया को साहसी और दृढ़ बताया. उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद ओफेलिया ने अंत तक न्याय के लिए संघर्ष किया.