
Israel Ramadan Tension: हाल ही में इजराइल से आई एक खबर के अनुसार, अल-अक्सा मस्जिद के वरिष्ठ इमाम और यरूशलेम के पूर्व ग्रैंड मुफ्ती, शेख इकरीमा साबरी (Sheikh Ekrima Sabri) को इजराइली अधिकारियों ने मस्जिद में प्रवेश करने से रोक दिया. यह कदम पवित्र महीने रमजान के शुरू होने से ठीक पहले उठाया गया है. ऐसे में इस फैसले से तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
इमाम पर प्रतिबंध का कारण
इजराइली प्रशासन ने यरूशलेम के प्रमुख धार्मिक नेता शेख इकरीमा साबरी पर मस्जिद परिसर में प्रवेश करने पर पाबंदी लगा दी है. प्रशासन ने आरोप लगाया है कि उनके भाषणों और बयानों से इलाके में उकसावे या हिंसा की स्थिति पैदा हो सकती है. यह पहली बार नहीं है जब उन पर ऐसा प्रतिबंध लगा है. इससे पहले भी उन्हें कई बार मस्जिद जाने से रोका जा चुका है और उनसे पूछताछ की जा चुकी है.
रमजान के दौरान कड़ी सुरक्षा और पाबंदियां
रमजान के महीने की शुरुआत होने वाली है, जिसमें लाखों मुस्लिम नमाज के लिए अल-अक्सा मस्जिद पहुंचते हैं. ऐसे में मुफ्ती साबरी ने चेतावनी दी है कि इजराइली अधिकारी इस बार न केवल उन पर, बल्कि वेस्ट बैंक से आने वाले आम नमाजियों पर भी कड़े प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहे हैं. युवाओं के प्रवेश पर रोक और सुरक्षा जांच के नाम पर होने वाली सख्ती से इस बार मस्जिद में नमाजियों की संख्या कम हो सकती है. इसे उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है.
इलाके में बढ़ा तनाव
ये पाबंदी गाजा में चल रहे युद्ध के समय पर लगाई है, जब पहले से ही स्थिति नाजुक बनी हुई है. अल-अक्सा मस्जिद इस्लाम में तीसरे सबसे पवित्र स्थल माना जाता है और यहां की गई कोई भी कार्रवाई पूरे मिडिल ईस्ट में विरोध प्रदशनों को हवा दे सकती है. धार्मिक नेताओं का कहना है कि इमाम पर प्रतिबंध लगाने और नमाजियों को रोकने से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है, जिससे शांति को खतरा हो सकता है.
