
यह मामला ब्रिटेन के शाही परिवार के लिए बेहद गंभीर माना जा रहा है. पुलिस जांच जारी है और एंड्रयू को बिना आरोप तय किए जांच के तहत छोड़ा गया है. वहीं King Charles III ने साफ कहा है कि कानून अपना काम करेगा.
गिरफ्तारी के बाद रिहाई
ब्रिटेन की थेम्स वेली पुलिस ने गुरुवार को एंड्रयू को हिरासत में लिया था. उन्हें सुबह करीब 8 बजे उनके घर के पास से पकड़ा गया. करीब 11 घंटे बाद शाम को उन्हें छोड़ दिया गया. हालांकि उन्हें पूरी तरह क्लीन चिट नहीं मिली है, अभी जांच जारी है.
शाही परिवार में मचा हड़कंप
इस घटना के बाद ब्रिटेन का शाही परिवार मुश्किल में आ गया है. विशेषज्ञ बता रहे हैं कि यह आधुनिक इतिहास में शाही परिवार के लिए बहुत बड़ा संकट है. बताया जा रहा है कि एंड्रयू को पहले ही उनके शाही खिताबों से हटा दिया गया था. उन्हें विंडसर स्थित घर से भी बाहर कर दिया गया था.
किस मामले में हुई कार्रवाई
पुलिस को शक है कि एंड्रयू का संबंध अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से था. एपस्टीन को साल 2008 में अमेरिका में नाबालिग से जुड़े अपराध में दोषी ठहराया गया था. जांच में यह भी सामने आया है कि एंड्रयू ने 2010 में कुछ गोपनीय दस्तावेज एपस्टीन के साथ साझा किए थे जब वे यूके के ट्रेड एम्बेसडर थे.
जन्मदिन के दिन हुई कार्रवाई
दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन एंड्रयू की 66वीं सालगिरह थी. उसी दिन पुलिस ने यह कार्रवाई की. पुलिस ने उनके सैंड्रिंघम इलाके के घर पर छापा मारा, इसके अलावा बर्कशायर स्थित उनके पुराने घर की भी जांच की जा रही है.
क्या कहा पुलिस ने?
पुलिस ने अपने बयान में कहा कि एक 60 साल के व्यक्ति को हिरासत में लिया गया था और अब जांच के तहत छोड़ दिया गया है. वहीं किंग चार्ल्स तृतीय ने कहा कि कानून को अपना काम करने दिया जाएगा और महल की तरफ से पूरा सहयोग दिया जाएगा.
लोगों और एक्सपर्ट की प्रतिक्रिया
शाही मामलों के जानकारों का कहना है कि यह 1936 के बाद सबसे बड़ा संकट हो सकता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई जरूरी थी और इससे लोगों का भरोसा बना रहेगा. वहीं कुछ लोगों ने प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी के लिए सहानुभूति जताई है.
पहले भी लग चुके हैं आरोप
एंड्रयू पर पहले भी आरोप लगे थे. एक महिला Virginia Giuffre ने दावा किया था कि उन्हें कम उम्र में एंड्रयू के साथ जबरन भेजा गया था. हालांकि एंड्रयू ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने 2022 में एक सिविल केस को बिना गलती माने सुलझा लिया था.
अब कयास लगाए जा रहे हैं कि यूके की कम से कम 9 पुलिस एजेंसियां इस मामले से जुड़े आरोपों की जांच कर रही हैं. यह जांच तब तेज हुई जब अमेरिका में इस केस से जुड़े कई नए दस्तावेज जारी किए गए थे. बता दें, अगर आरोप साबित होते हैं तो मिसकंडक्ट इन पब्लिक ऑफिस के तहत आजीवन जेल तक की सजा हो सकती है.
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