
बांग्लादेश की राजनीति में आए बड़े बदलाव के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों की दिशा बदलती नजर आ रही है. यूनुस के राज में जिस दौर में दोनों देशों के बीच तनाव और दूरी बढ़ती दिख रही थी, अब उसी रिश्ते में फिर से नरमी और भरोसे की झलक दिखाई देने लगी है. खबर है कि भारत जल्द ही बांग्लादेश में अपनी सभी वीज़ा सेवाएं दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है. लंबे समय से बंद पड़े भारतीय वीज़ा सेंटर अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं. Hindustan Times की रिपोर्ट के मुताबिक, सिलहट में भारत के वरिष्ठ कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने बताया कि वीज़ा सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने के लिए काम तेज़ी से चल रहा है. उन्होंने कहा कि फिलहाल मेडिकल और डबल-एंट्री वीज़ा जारी किए जा रहे हैं और जल्द ही ट्रैवल वीज़ा समेत बाकी कैटेगरी भी शुरू कर दी जाएंगी.
क्यों बंद हुई थीं वीज़ा सेवाएं?
दरअसल, पिछले साल दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था. छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में बड़े प्रदर्शन हुए, जिनमें भारत विरोधी माहौल भी देखने को मिला. सुरक्षा हालात बिगड़ने के कारण भारतीय वीज़ा केंद्रों को अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा था. इसके अलावा, जुलाई 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने और भारत आने के बाद भी दोनों देशों के संबंधों में ठंडापन आ गया था.
नई सरकार के साथ नई उम्मीद
अब तारीक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद माहौल बदलता नजर आ रहा है. भारतीय अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के रिश्ते आपसी सम्मान और सहयोग की मजबूत नींव पर टिके हैं. अनिरुद्ध दास ने सिलहट डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब में कहा कि भारत और बांग्लादेश के लोग ही इस रिश्ते के सबसे बड़े भागीदार हैं और दोनों देश लंबे समय तक सकारात्मक और लाभकारी संबंध चाहते हैं.
दोनों तरफ से कम हो रही सख्ती
तनाव के दौर में सिर्फ भारत ही नहीं, बांग्लादेश ने भी भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा नियम सख्त कर दिए थे. जनवरी में बांग्लादेश ने कोलकाता, मुंबई और चेन्नई स्थित अपने मिशनों में बिजनेस और रोजगार वीज़ा को छोड़कर बाकी सभी वीज़ा रोक दिए थे. अब हालात सुधरने के साथ दोनों देशों के बीच आवाजाही आसान होने की उम्मीद बढ़ गई है. जानकार मानते हैं कि वीज़ा सेवाएं शुरू होने से व्यापार, इलाज, पर्यटन और पारिवारिक यात्राओं को बड़ा फायदा मिलेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सुरक्षा स्थिति स्थिर रहती है तो आने वाले दिनों में भारत-बांग्लादेश संबंध फिर से पुराने भरोसे वाले दौर में लौट सकते हैं. वीज़ा सेवाओं की बहाली को दोनों देशों के रिश्तों में “रीसेट बटन” के तौर पर देखा जा रहा है.

