News in Brief

 The hundred 2026 auction: इंग्लैंड की क्रिकेट लीग द हंड्रेड के अगले सीजन की तैयारी तेज है. 100 बॉल वाली इस क्रिकेट लीग में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब खिलाड़ियों पर बोली लगेगी, मतलब आईपीएल की तरह नीलामी होगी. इसके लिए 900 से ज्यादा खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर कराया है. कुल 8 फ्रेंचाइजी इन खिलाड़ियों पर बोली लगाने वाली हैं. नीलामी के लिए जिन 900 खिलाड़ियों ने अपना नाम दिया है, उनमें पाकिस्तान के 63 खिलाड़ी शामिल हैं, जिन पर शायद लीग की 8 में से 4 टीमें बोली नहीं लगाएंगी. ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है.

क्रिकबज ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि द हंड्रेड में चार टीमों के मालिक भारतीय हैं और उन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदने का फैसला किया है. ये टीमें मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स हैं, जिनके मालिक भारतीय हैं.

कब होगी नीलामी?

द हंड्रेड के अगले सीजन जो 2026 में होने वाला है, उसके लिए 2 दिन में नीलामी पूरी होगी. 11 मार्च को महिला जबकि 12 मार्च को पुरुष खिलाड़ियों पर बोली लगेगी. ऑक्शन लंदन में आयोजित होने जा रहा है. इस सीजन के लिए पाक समेत कुल 18 देशों के करीब 1000 क्रिकेटर्स ने नाम दिया है.

Add Zee News as a Preferred Source

पाक के कितने खिलाड़ियों ने दिया नाम?

मेंस हंड्रेड में मोहम्मद आमिर, इमाद वसीम, शाहीन अफरीदी, शादाब खान, हारिस रऊफ जैसे खिलाड़ी जलवा दिखा चुके हैं. इस बार कुल 63 खिलाड़ियों ने ऑक्शन के लिए अपना नाम दिया है. ये तब हुआ जब लीग की 4 टीमों की तरफ से पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर अघोषित प्रतिबंध लगाने का दावा किया गया है. अब देखना होगा कि क्या ये संभावित बैन हकीकत में बदलेगा. नीलामी के लिए बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान जैसे स्टार ने नाम नहीं दिए हैं. इसकी वजह ये है कि जिस वक्त यह लीग होगी, उस समय पाकिस्तान टीम टेस्ट सीरीज खेलेगी.

पाक टीम के इन खिलाड़ियों ने कराया रजिस्ट्रेशन

शाहीन शाह अफरीदी, साइम अयूब, सलमान अली आगा, उस्मान खान, शादाब खान, हारिस रऊफ, मोहम्मद नवाज, नसीम शाह, अबरार अहमद, मोहम्मद आमिर, जमान खान, उस्मान तारिक, फहीम अशरफ, साहिबजादा फरहान, उसामा मीर, इमाद वसीम, अब्बास अफरीदी, आफाक अफरीदी और आसिफ अफरीदी.

भेदभाव नहीं होने का किया गया था वादा

कुछ दिन पहले द हंड्रेड को आयोजित करने वाली ईसीबी के कार्यकारी अध्यक्ष रिचर्ड गोल्ड से जब पूछा गया था कि क्या इस लीग की चार टीमों ने भारतीय निवेश के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लीग में खेलने की इजाजत दी जाएगी? इस सवाल पर उन्होंने भरोसा देते हुए कहा था कि देश के आधार पर खिलाड़ियों के साथ भेदभाव नहीं होगा, लेकिन फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा है. क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आईपीएल से जुड़ी चारों फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी क्रिकेटरों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश नहीं करेंगी.

आखिर क्यों पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदने का किया जा रहा दावा

इस दावे के पीछे जो बड़ी वजह दिखती है, वो पाकिस्तान और भारत के खराब संबंध हैं. पिछले 1 साल में तो दोनों मुल्कों के बीच युद्ध जैसे हालात भी बने. इसके बाद एशिया कप और टी20 विश्व कप 2026 के बॉयकॉट को लेकर भी बवाल मचा. आईपीएल में भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों की एंट्री बैन है. इसके अलावा दूसरे देशों की टी20 लीग में आईपीएल फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी क्रिकेटरों को अपनी टीम में नहीं रखतीं. इनमें एसए20, सीपीएल, आईएलटी20 जैसी लीग शामिल हैं. द हंड्रेड में अमेरिकी स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी डेजर्ट वाइपर्स ही पाकिस्तान के खिलाड़ियों को चुनती है.

ये भी पढ़ें:  सुपर 8 की जंग से पहले बेनकाब हुई सूर्या ब्रिगेड, विरोधी कप्तानों को मिला Team India को हराने का सीक्रेट फॉर्मूला…पकड़ ली ये कमजोर नस