US-India Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि दोनों देशों के बीच मार्च में समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं और इसे अप्रैल से लागू किए जाने की संभावना है. उन्होंने बताया कि कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों के बीच 3 दिवसीय बैठक 23 फरवरी से अमेरिका में शुरू होगी. इस बैठक में समझौते की शर्तों, टैरिफ ढांचे और कार्यान्वयन की समयसीमा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.
इस महीने की शुरुआत में दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर यह घोषणा की थी कि अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है. अब वार्ता अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और दोनों पक्ष औपचारिक हस्ताक्षर की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
भारत पर 18% टैरिफ की व्यवस्था रहेगी लागू: ट्रंप
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील पटरी पर है और दोनों देशों के रिश्ते शानदार हैं. उन्होंने बताया कि अंतरिम फ्रेमवर्क के तहत तय 18% टैरिफ व्यवस्था लागू रहेगी, जबकि सेक्टर-विशेष टैरिफ में कुछ श्रेणियों पर 50% तक की दर बरकरार रहेगी.
ट्रंप के बयान ऐसे समय में आए हैं जब भारतीय अधिकारी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर ट्रंप प्रशासन की प्रतिक्रिया पर करीबी नजर बनाए हुए हैं. अधिकारियों का मानना है कि चूंकि अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट पर अभी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं, इसलिए शर्तों में बदलाव की कुछ गुंजाइश बनी हुई है.
पहले की तरह ही लागू रहेंगे सेक्टर स्पेसिफिक टैरिफ
सूत्रों के मुताबिक, भारत ज्यादातर उत्पादों पर टैरिफ कम करने पर सहमत हुआ है. इसके बदले अमेरिका आपसी टैरिफ को घटाकर 18% करने को तैयार है. हालांकि आयरन और स्टील, कॉपर, एल्युमीनियम, ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स जैसे सेक्टरों पर 50% तक के सेक्टर स्पेसिफिक टैरिफ लागू रहेंगे.
इस बीच, सरकार ने इस मसले पर आधिकारिक टिप्पणी से परहेज किया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अभी एग्रीमेंट पर साइन नहीं हुए हैं, इसलिए बातचीत की गुंजाइश हो सकती है. हम अमेरिकी सरकार की अगली प्रतिक्रिया का इंतजार करेंगे.
अमेरिकी कांग्रेस ट्रेड डील में कर सकती है हस्तक्षेप
इस बीच, कुछ अमेरिकी विशेषज्ञों ने डील की वैधता को लेकर सवाल उठाए हैं, यह कहते हुए कि कांग्रेस हस्तक्षेप कर सकती है. ट्रंप प्रशासन 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122 के तहत 15% तक अस्थायी टैरिफ लगाने और सभी देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लागू करने जैसे कदम उठा चुका है.
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साथ ही, सेक्शन 301 के तहत कथित गलत व्यापार प्रथाओं की जांच के संकेत भी दिए गए हैं. बता दें कि अमेरिका भारत के लिए सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, जहां देश के कुल निर्यात का लगभग 20% हिस्सा जाता है. ऐसे में यह अंतरिम डील दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
