
उस महान संत का निधन 1226 ईसवी में हो गया था. डर था कि पार्थिव शरीर को कोई चोरी न कर ले इसलिए उसे एक लोहे के पिजरे में बंद करके काफी गहराई में दफना दिया गया. अगले 600 साल तक यह रहस्य बना रहा कि संत के अवशेष कहां हैं. तलाश जारी रही, लोग पूरे सम्मान के साथ उन्हें याद करते रहे. सदियां बीतती गईं लेकिन उस महान संत का ताबूत नहीं मिला. 1818 में इटली के असीसी में एक पिंजरे के अंदर ताबूत मिला. वो संत थे सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी. अब 800 साल बाद पहली बार सेंट फ्रांसिस के अवशेष को आम लोगों को दिखाया जा रहा है.
हजारों लोग सेंट फ्रांसिस के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. कोई प्रणाम कर रहा है, झुककर नमन कर रहा है, कोई कांच के बॉक्स को चूम रहा है जिसमें उनकी अस्थियों को संभाल कर रखा गया है. श्रद्धालुओं की कतारें लगी हैं. कुछ श्रद्धालु भावुक भी नजर आए. उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े. संत की अस्थियां टुकड़ों में हैं. शरीर के हिसाब से अस्थियों के टुकड़े को सजाकर रखा गया है.
कैसे पता चला, अस्थियां सेंट फ्रांसिस की हैं?
आपके मन में सवाल होगा कि ये कब और कैसे पता चला कि ये अस्थियां सेंट फ्रांसिस की ही हैं. दरअसल, इन अस्थियों की कई बार जांच की जा चुकी है. आखिरी बार हड्डियों की जांच 1978 में हुई थी. उसके बाद अस्थियों को सुरक्षित रखने के लिए नाइट्रोजन से भरे बॉक्स का इस्तेमाल किया गया.
कौन थे सेंट फ्रांसिस
सेंट फ्रांसिस कैथोलिक धर्म के सबसे सम्मानित संतों में से एक हैं. कैथोलिक कला, साहित्य और फिल्मों में उन्हें सबसे ज्यादा दिखाया जाता है. उन्हें पर्यावरण के संरक्षक, जानवरों से प्रेम करने वाले और प्रकृति प्रेमी संत के रूप में याद किया जाता है. सेंट फ्रांसिस ने अपनी पूरी संपत्ति दान कर दी थी और जीवन गरीबों के लिए समर्पित कर दिया.
इटली के अधिकारियों का कहना है कि इटली के संरक्षक संत का दर्शन करने के लिए दुनियाभर से करीब 4 लाख लोग पहुंच सकते हैं. मध्य इटली के असीसी टाउन के एक चर्च में यह प्रदर्शनी लगाई गई है. इससे पहले 1978 में एक दिन के लिए केवल कुछ लोगों को इसे देखने का मौका मिला था.
Thousands visit the Basilica of Saint Francis of Assisi in Italy as his remains go on public display for the first timehttps://t.co/c7xgzbstju pic.twitter.com/npDgxbRZ5S
— AFP News Agency (@AFP) February 23, 2026
उनकी मौत की 800वीं सालगिरह मनाने के लिए सेंट फ्रांसिस के अवशेष पहली बार ज्यादा दिनों के लिए दिखाए जा रहे हैं.
