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इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय

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एमईआईटीवाई ने इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए 30 किलोवाट केडब्ल्यू वाइड बैंड गैप (डब्ल्यूबीसी)- आधारित एकीकृत संचालन प्रणाली की शुरूआत की

प्रविष्टि तिथि: 02 MAR 2026 5:17PM by PIB Delhi

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल के लिए देश में बना 30 केडब्ल्यू वाइड बैंड गैप (डब्ल्यूबीजी) पर आधारित एकीकृत संचालन प्रणाली (आईडीएस) का आज चेन्नई में शुभारंभ किया गया। इस टेक्नोलॉजी को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक), तिरुवनंतपुरम ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास और लुकास टीवीएस के साथ मिलकर नेशनल मिशन ऑन पावर इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी (एनएएमपीईटी) के तहत तैयार किया है। इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सेक्रेटरी श्री एस. कृष्णन ने आईआईटी मद्रास में इसका शुभारंभ किया।

यह लॉन्च एडवांस्ड पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने के एमईआईटीवाई के मिशन में योगदान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 30-केडब्ल्यू पावर क्लास भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक यात्री वाहन खंड के लिए खास तौर पर काम की है, जिसमें कॉम्पैक्ट कारें और फ्लीट मोबिलिटी प्लेटफॉर्म शामिल हैं। अभी, हाई-परफॉर्मेंस ईवी पावरट्रेन सिस्टम और ज़रूरी सेमीकंडक्टर-बेस्ड ड्राइव कंपोनेंट का एक बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है। ऐसे एकीकृत  प्रणाली के स्वदेश में विकसित होने से आयात पर निर्भरता कम होगी, स्थानीयकरण के ज़रिए सिस्टम की लागत कम होगी, और प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना जैसी राष्ट्रीय पहलों के साथ स्केलेबल निर्माण में सहयोग मिलेगा।

इस टेक्नोलॉजी को लुकास टीवीएस के साथ मिलकर सफलतापूर्वक डिज़ाइन, फैब्रिकेट और वैलिडेट किया गया है और अब यह व्यावसायीकरण और बड़े पैमाने पर तैनाती के लिए तैयार है। इस एकीकृत संचालन टेक्नोलॉजी को सफलतापूर्वक अपनाने से भारत की ईवी आपूर्ति श्रृंखला काफी मजबूत हो सकती है, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, थर्मल सिस्टम और कंट्रोल हार्डवेयर में एमएसएमई के लिए मौके बन सकते हैं, और सेमीकंडक्टर-आधारित इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सॉल्यूशंस में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ सकती है। एनएएमपीईटी के ज़रिए, एमईआईटीवाई अगली पीढ़ी की मोबिलिटी और ऊर्जा प्रणाली के लिए दुनिया भर में प्रतिस्पर्धात्मक और आत्मनिर्भर पावर इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी बनाने के लिए नवोन्मेषन से चलने वाली साझेदारी को बढ़ावा दे रहा है।

सभा को संबोधित करते हुए, श्री एस. कृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” की कल्पना अत्याधुनिक विद्युत इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी के स्वदेशी विकास से पूरा हो रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आरऔरडी संस्थानों, शैक्षणिक समुदाय और उद्योग के बीच मिलकर किए गए नवोन्मेष से भारत के टेक्नोलॉजी आयात करने वाले देश से टेक्नोलॉजी विकसित करने वाले और निर्यात करने वाले देश में बदलाव को मज़बूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 30 केडब्ल्यू एकीकृत संचालन प्रणाली का विकास इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्ट्रेटेजिक इलेक्ट्रॉनिक्स में आत्मनिर्भर भारत की ओर भारत के सफ़र में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी बताया कि नई शुरू की गई 30 केडब्ल्यू एकीकृत संचालन प्रणाली इलेक्ट्रिक मोटर और इन्वर्टर को एक सिंगल कॉम्पैक्ट, हाई पावर-डेंसिटी यूनिट से जोड़ती है, जो पारंपरिक अलग मोटर-ड्राइव कॉन्फ़िगरेशन की जगह लेती है। उन्होंने कहा कि भारत में इस तरह के डिज़ाइन-आधारित नवोन्मेष से मज़बूत घरेलू इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी बनाने, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को तेज़ करने और ईवी क्षेत्र में हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग को मज़बूत करने में मदद मिलेगी।

इस मौके पर सी-डैक के महानिदेशक श्री ई. मगेश; एमईआईटीवाई के ग्रुप कोऑर्डिनेटर (आईटी और सीसी और बीटी में आरऔरडी) श्री मनोज कुमार जैन; लुकास टीवीएस चेन्नई के सीटीओ श्री रामनाथन एन एस; सी-डैक, तिरुवनंतपुरम के सीनियर डायरेक्टर श्री रेनजी वी चाको; एमईआईटीवाई के वैज्ञानिक ‘ई’ डॉ. ओम कृष्ण सिंह; आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर कमलेश हतुआ और उद्योग के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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पीके/केसी/केपी/ डीके

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