वस्त्र मंत्रालय
रेडिमेड परिधान/वस्त्र/हथकरघा उत्पाद का निर्यात
प्रविष्टि तिथि: 10 MAR 2026 5:43PM by PIB Delhi
पिछले पांच वर्षों के दौरान रेडिमेड परिधान/वस्त्र/हथकरघे के कुल निर्यात का विवरण निम्नानुसार है:
मूल्य (मिलियन अमेरिकी डॉलर में)
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श्रेणी |
वित्त वर्ष: 2020-21 |
वित्त वर्ष: 2021-22 |
वित्त वर्ष: 2022-23 |
वित्त वर्ष: 2023-24 |
वित्ती वर्ष: 2024-25 |
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रेडिमेड परिधान |
12,272 |
16,015 |
16,191 |
14,532 |
15,989 |
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सूती वस्त्र |
11,128 |
17,166 |
11,085 |
12,258 |
12,299 |
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मानव निर्मित वस्त्र |
4,180 |
6,294 |
5,412 |
5,081 |
5,295 |
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कालीन |
1,491 |
1,790 |
1,366 |
1,395 |
1,541 |
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जूट उत्पाद |
397 |
537 |
462 |
353 |
400 |
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रेशम उत्पाद |
76 |
109 |
95 |
119 |
162 |
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ऊन और ऊनी वस्त्र |
109 |
166 |
205 |
192 |
160 |
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हथकरघा उत्पाद |
223 |
269 |
183 |
140 |
142 |
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कुल वस्त्र और रेडीमेड परिधान |
29,877 |
42,347 |
34,997 |
34,072 |
35,988 |
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हस्तशिल्प |
1,708 |
2,088 |
1,689 |
1,802 |
1,767 |
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हस्तशिल्प सहित कुल वस्त्र और रेडिमेड परिधान |
31,585 |
44,435 |
36,686 |
35,874 |
37,755 |
स्रोत: डीजीसीआईएस, अनंतिम आंकड़े
वित्त वर्ष 2022-23 में 34,997 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 35,988 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक कुल वस्त्र एवं रेडिमेड परिधान में वृद्धि हुई, जिससे पिछले तीन वित्त वर्षों की अवधि में 1.4 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धिदर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) दर्ज की गई। भारत से अमेरिका को वस्त्र एवं रेडीमेड परिधान (हस्तशिल्प सहित) का निर्यात वित्त वर्ष 2022-23 में 10,468 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 10,938 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। इसी अवधि के दौरान यूरोपीय संघ-27 को निर्यात लगभग स्थिर रहा, जहां वित्त वर्ष 2022-23 में 7,670 मिलियन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले वित्त वर्ष 2024-25 में 7,618 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात दर्ज किया गया।
किसी भी बाजार में निर्यात कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें मूल्य प्रतिस्पर्धात्मकता, श्रम लागत, उत्पादकता, गुणवत्ता मानक, कच्चे माल की उपलब्धता, रसद दक्षता, नियामकीय आवश्यकताओं का अनुपालन तथा गंतव्य बाजार में शुल्क शामिल हैं। बाजार पहुंच की शर्तें, वैश्विक मांग, विनिमय दर में उतार-चढ़ाव और व्यापार समझौते भी निर्यात प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय वस्त्र और परिधान निर्यात ने सुदृढ़ता प्रदर्शित किया है, जिसे निर्यात गंतव्यों के विविधीकरण, विनिर्माण क्षमताओं में सुधार और सरकार द्वारा किए गए विभिन्न व्यापार सुगमता और निर्यात प्रोत्साहन पहलों का समर्थन प्राप्त हुआ है।
वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-जनवरी के दौरान तमिलनाडु से हस्तशिल्प सहित वस्त्र और परिधान का कुल निर्यात 6,605.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 6,659.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो इस क्षेत्र की समग्र मजबूती को दर्शाता है।
भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2 फरवरी 2026 को एक व्यापार समझौते की घोषणा की। इस संबंध में एक संयुक्त वक्तव्य 7 फरवरी 2026 को जारी किया गया। 7 फरवरी 2026 को भारत द्वारा रूसी तेल आयात के संदर्भ में लगाए गए कुछ भारतीय निर्यातों पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य-आधारित शुल्क हटा दिए गए। 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के पारस्परिक शुल्कों को अमान्य घोषित करने वाले फैसले के बाद पारस्परिक शुल्क अब प्रभावी नहीं हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी सरकार ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने संबंधी कार्यकारी आदेश जारी किए हैं। सरकार इसके बाद के सभी घटनाक्रमों के प्रभावों का अध्ययन कर रही है और अमेरिकी सरकार के साथ निरंतर संवाद बनाए हुए है।
केन्द्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने यह जानकारी आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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(रिलीज़ आईडी: 2237852) आगंतुक पटल : 3
