पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार होकर इसके ‘मध्यम’ श्रेणी में आने के बाद सीएक्यूएम ने दिल्ली-एनसीआर से ग्रैप (GRAP) का पहला चरण हटाया
प्रविष्टि तिथि: 16 MAR 2026 7:49PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) संबंधी उप-समिति ने सोमवार को पूरे एनसीआर में ग्रैप के पहले चरण के तहत लागू सभी प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा लिया है। अनुकूल मौसम स्थितियों के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता में आए महत्वपूर्ण सुधार के बाद यह फैसला लिया गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली का दैनिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 15.03.2026 के 175 से सुधरकर 16.03.2026 को 119 दर्ज किया गया। इस सुधार को देखते हुए, सीएक्यूएम की जीआरएपी उप-समिति ने आज क्षेत्र में वर्तमान वायु गुणवत्ता परिदृश्य की समीक्षा करने के लिए बैठक की। इस समीक्षा में आईएमडी और आईआईटीएम द्वारा उपलब्ध कराए गए मौसम संबंधी पूर्वानुमानों और वायु गुणवत्ता सूचकांक पर भी विचार किया गया।
CAQM Sub-Committee on GRAP revokes Stage-I of the extant schedule of #GRAP in the entire #NCR, with immediate effect.
For more details, visit:https://t.co/VE6JmiYhm7#CAQM #GoGreenBreatheClean@moefcc @PIB_India pic.twitter.com/OPLJh3z6DK
— Commission for Air Quality Management (@CAQM_Official) March 16, 2026
उप-समिति ने पाया कि दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और 16.03.2026 को शाम 4:00 बजे यह 119 रिकॉर्ड किया गया। आईएमडी/आईआईटीएम के पूर्वानुमान भी संकेत देते हैं कि आने वाले दिनों में एक्यूआई ‘मध्यम‘ (Moderate) श्रेणी में ही बने रहने की संभावना है। एक्यूआई स्तरों में सुधार और भविष्य के अनुमानों को देखते हुए, उप-समिति ने सर्वसम्मति से पूरे एनसीआर में तत्काल प्रभाव से ग्रैप के पहले चरण की सभी कार्रवाइयों को वापस लेने का निर्णय लिया है।
संबंधित राज्य सरकारों और दिल्ली सरकार की सभी एजेंसियों को सलाह दी गई है कि वे आयोग द्वारा जारी सभी वैधानिक निर्देशों, परामर्शों और आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। इसमें पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, सीपीसीबी के साथ-साथ राज्य सरकारों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और डीपीसीसी द्वारा जारी नियमों और दिशा-निर्देशों का अनुपालन भी शामिल है।
सभी एजेंसियों को प्रदूषण रोकने के लिए आयोग की व्यापक नीति में निर्धारित लक्षित समयसीमा और कार्यों पर ध्यान देने तथा जमीनी स्तर पर उचित कदम उठाने, विशेष रूप से धूल नियंत्रण के उपायों को लागू करने को कहा गया है।
उप-समिति वायु गुणवत्ता की स्थिति पर करीब से नजर रखेगी और समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करेगी, ताकि आईएमडी तथा आईआईटीएम के पूर्वानुमानों के आधार पर भविष्य में उचित निर्णय लिए जा सकें।
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पीके/ केसी/ केजे
(रिलीज़ आईडी: 2240955) आगंतुक पटल : 9
