कोयला मंत्रालय
घरेलू कोयला उत्पादन में तेजी लाने के लिए कोयला मंत्रालय ने हितधारकों के साथ परामर्श बैठक आयोजित की
प्रविष्टि तिथि: 17 MAR 2026 6:04PM by PIB Delhi
कोयला मंत्रालय ने “नीतिगत सुधारों के आलोक में घरेलू कोयला उत्पादन में तेजी लाना” विषय पर आज एक उच्च स्तरीय हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया। बैठक में भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए घरेलू कोयला उत्पादन बढ़ाने, खदानों के तेजी से विकास और संचालन की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए वरिष्ठ सरकारी नेतृत्व और कोयला क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय कोयला और खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त ने रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान किया और स्पष्टता तथा उद्देश्यपूर्ण ढंग से चर्चाओं का नेतृत्व किया, जो मंत्रालय के सुधार-उन्मुख और हितधारक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है। कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, निजी क्षेत्र के प्रतिभागियों, उद्योग विशेषज्ञों और कोयला पारिस्थितिकी तंत्र के अन्य हितधारकों ने विचार-विमर्श में भाग लिया।
केंद्रीय कोयला और खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने सभा को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए देश को क्रमिक सुधारों से आगे बढ़ना होगा। “सुधार, प्रदर्शन, रूपांतरण और सूचना” के मार्गदर्शक मंत्र पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने अन्वेषण, नीलामी, मंजूरी, संचालन, वित्त पोषण सहित संपूर्ण कोयला मूल्य श्रृंखला में निरंतर और व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें वैज्ञानिक खदान बंद करने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उत्पादन बढ़ाने, आपूर्ति दक्षता में सुधार करने और खदान विकास से लेकर बंद होने तक सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए बाधाओं को व्यवस्थित रूप से दूर किया जाना चाहिए।
केन्द्रीय मंत्री ने नियमित हितधारक परामर्शों के महत्व पर भी प्रकाश डाला, जो कि प्रतिक्रिया और सुझावों को शामिल करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार हितधारकों के साथ उत्तरदायी और समावेशी तरीके से जुड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारत के प्रचुर कोयला भंडार का लाभ उठाते हुए कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि आने वाले वर्षों में कोयला उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। ऊर्जा सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उन्होंने समन्वित प्रयासों और निरंतर नीतिगत समर्थन के माध्यम से कोयला उत्पादन में तेजी लाने का आह्वान किया।

कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त ने कहा कि देश के 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर होने के साथ-साथ, नीतिगत सुधारों ने कोयला क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और कुशल पारिस्थितिकी तंत्र में रूपांतरित कर दिया है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से व्यापार करने में सुगमता बढ़ी है, नियामक स्पष्टता में सुधार हुआ है और पूरे क्षेत्र में तीव्र वृद्धि और विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि वाणिज्यिक कोयला खनन, एकल खिड़की निकासी प्रणाली और डिजिटल सुधार जैसी महत्वपूर्ण पहलों ने राष्ट्रीय उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। इन उपायों ने संस्थागत ढाँचों को मजबूत किया है, निजी क्षेत्र की भागीदारी को सशक्त और प्रोत्साहित किया है और खदानों के संचालन और कुशल संसाधन निष्कर्षण में तेजी लाई है। उन्होंने यह भी बताया कि ये प्रयास आयात पर निर्भरता कम करने, उद्योग सहयोग को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।

कोयला मंत्रालय की अपर सचिव श्रीमती रूपिंदर बरार ने ‘नीतिगत सुधार और घरेलू कोयला उत्पादन में तेजी’ विषय पर प्रस्तुति दी। श्रीमती बरार ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से कोयला उत्पादन पहली बार 200 मीट्रिक टन से अधिक हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2025 तक कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से कोयला उत्पादन में लगभग 30% की सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से वृद्धि हुई है।
श्रीमती बरार ने हितधारकों को खदानों के शीघ्र संचालन के लिए कोयला मंत्रालय द्वारा किए गए नीतिगत सुधारों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अन्वेषण और जीआर तैयार करने में आसानी, खनन योजना की त्वरित स्वीकृति, पर्यावरण और वन मंजूरी की प्रक्रिया को सरल बनाने और खदान खोलने की अनुमति प्राप्त करने के लिए विभिन्न सुधार लागू किए गए हैं। श्रीमती बरार ने प्रत्येक सुधार का विस्तृत विवरण दिया। प्रस्तुति में भूमिगत कोयला खनन को बढ़ावा देने के उपायों पर भी जोर दिया गया, जिसमें प्रोत्साहन, प्रौद्योगिकी अपनाने और परिचालन दक्षता में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि कोयला संसाधनों का सतत और कुशल उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
इसके बाद आयोजित संवाद सत्र में हितधारकों ने अपने विचार साझा किए। इस परामर्श सत्र में नीति निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और क्षेत्र के विशेषज्ञों के बीच रचनात्मक संवाद हुआ, जहां उन्होंने विकसित हो रहे नीतिगत ढांचे, परिचालन संबंधी चुनौतियों और कोयला उत्पादन में तेजी लाने के अवसरों पर चर्चा हुई। चर्चा का समापन सरकार और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने, खनन पद्धतियों में नवाचार को बढ़ावा देने और देश के कोयला क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास और स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत सुधारों के प्रभावी कार्यान्वयन पर सामूहिक जोर देने के साथ हुआ।
इस परामर्श सत्र में हितधारकों ने विचारों का आदान-प्रदान किया और घरेलू कोयला उत्पादन में तेजी लाने, आयात पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को सुदृढ़ करने के साझा उद्देश्य की दिशा में प्रयास करने पर बल दिया। विचार-विमर्श ने भारत की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम आधुनिक, कुशल और भविष्य के लिए तैयार कोयला क्षेत्र के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, साथ ही टिकाऊ और जिम्मेदार खनन पद्धतियों को भी सुनिश्चित किया।
Hon’ble Union Minister of Coal & Mines Shri G. Kishan Reddy, in his keynote address at the Stakeholder Consultation on accelerating domestic coal production, emphasized that India must go beyond reforms to achieve Aatmanirbhar Bharat, guided by the mantra of Reform, Perform,… pic.twitter.com/3ZJxXTedLT
— Ministry of Coal (@CoalMinistry) March 17, 2026
Shri Vikram Dev Dutt, Secretary, Ministry of Coal, in his opening remarks at the Stakeholder Consultation on accelerating domestic coal production, stated that over the years, policy-driven reforms have significantly transformed the coal sector into a transparent, competitive and… pic.twitter.com/fzTJMd5DF5
— Ministry of Coal (@CoalMinistry) March 17, 2026
During the Stakeholder Consultation, Ms. Rupinder Brar, Additional Secretary, Ministry of Coal, made a detailed presentation highlighting key policy reforms aimed at enhancing ease of doing business in the coal sector.
She outlined various initiatives undertaken to streamline… pic.twitter.com/o2pQaWp9eh
— Ministry of Coal (@CoalMinistry) March 17, 2026
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पीके/केसी/जेएस / डीए
(रिलीज़ आईडी: 2241443) आगंतुक पटल : 21
