पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
एमआईवी 2030 के तहत कार्यनीतिक पहल
प्रविष्टि तिथि: 19 MAR 2026 12:30PM by PIB Delhi
मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 (एमआईवी 2030) बंदरगाह अवसंरचना के विकास, लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार और संबंधित समुद्री सेक्टरों के विकास के लिए एक रोडमैप प्रदान करता है। 2022 से प्रमुख बंदरगाहों पर बंदरगाह क्षमता, लॉजिस्टिक्स दक्षता, पोत टर्नअराउंड समय और तटीय कार्गो टन भार में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं। वित्त वर्ष 2021-22 से प्रमुख निष्पादन संकेतकों की वर्ष-वार स्थिति नीचे प्रस्तुत की गई है।
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वर्ष |
प्रमुख बंदरगाह क्षमता (एमटीपीए) |
औसत टर्नअराउंड समय (घंटे) |
तटीय माल ढुलाई (मीट्रिक टन) |
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वित्तीय वर्ष 2021-22 |
1598 |
52.9 |
171 |
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वित्तीय वर्ष 2022-23 |
1617 |
52.9 |
185 |
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वित्तीय वर्ष 2023-24 |
1630 |
48 |
189 |
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वित्तीय वर्ष 2024-25 |
1681 |
49.4 |
196 |
एम.आई.वी. 2030 के तहत पूर्वी तट राज्यों के तटीय और अंतर्देशीय जलमार्ग नेटवर्क के कार्यनीतिक उन्नयन के लिए कई उपाय किए गए हैं। आंतरिक जलमार्ग संपर्क को सुगम बनाने के लिए पारादीप और धामरा बंदरगाहों को तालचर और अंगुल जैसे खनिज समृद्ध क्षेत्रों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय जलमार्ग-5 (ब्राह्मणी नदी प्रणाली) के प्रचालन की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई है। इसके अतिरिक्त, पारादीप बंदरगाह पर रेल-समुद्र-रेल (आर.एस.आर.) मॉडल को बढ़ावा देने जैसी तटीय शिपिंग पहलों ने पूर्वी तट के साथ तटीय माल ढुलाई में वृद्धि में योगदान दिया है।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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