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नागरिक उड्डयन मंत्रालय

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नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू ने भारतीय एयरलाइंस के घरेलू परिचालन के लिए राहत कार्यवाहियों की घोषणा की


वैश्विक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25% की कटौती

प्रविष्टि तिथि: 08 APR 2026 8:16PM by PIB Delhi

पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से पैदा हुई अभूतपूर्व स्थिति ने भारतीय विमानन कंपनियों के साथ-साथ वैश्विक विमानन संचालन के लिए बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। हालांकि, सरकार की ओर से समय पर और सुनियोजित हस्तक्षेपों के चलते भारतीय घरेलू विमानन क्षेत्र लचीला और मजबूत बना हुआ है।

नागर विमानन मंत्रालय, परिस्थिति पर बारीकी से नजर रखते हुए, घरेलू विमानन कंपनियों को राहत प्रदान करने के लिए कई उपाय कर रहा है। इससे पहले, सरकार ने केवल मामूली से एटीएफ मूल्य की बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जिसमें घरेलू उड़ानों के लिए बढ़ोतरी को 25% तक सीमित रखा गया था। वहीं, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के चलते विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में भी असमान रूप से बढ़ोतरी हुई है।

इस कदम का उद्देश्य एयरलाइनों को कार्यान्वयन लागत प्रबंधित करने के योग्य बनाना था, साथ ही यह सुनिश्चित करना था कि किफायती हवाई यात्रा का लाभ यात्रियों तक पहुंचता रहे। अब, इन अभूतपूर्व चुनौतियों के बहुस्तरीय समाधान के अंतर्गत, मंत्रालय ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है, घरेलू एयरलाइनों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में तीन महीने की अवधि के लिए 25% की कमी की जाएगी।

इस घोषणा के बारे में बात करते हुए नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, विमानन क्षेत्र में सरकार का प्राथमिक ध्यान यात्रियों के लिए हवाई यात्रा को अधिक किफायती और सुविधाजनक विकल्प बनाने पर रहा है। चुनौती भरी मौजूदा स्थिति में भी, जब वैश्विक हवाई परिचालन प्रभावित हो रहा है, हमने यह सुनिश्चित किया है कि उड़ानों के रद्द होने और ईंधन की बढ़ती लागत से हमारे घरेलू विमाननों के परिचालन पर गंभीर प्रभाव न पड़े। वैश्विक स्तर पर ईंधन की लागत में 100% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि हमने इसमें केवल मामूली बढ़ोतरी की है, जो 25% तक सीमित है।”

इन उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए मंत्री जी ने कहा, “अब, एयरलाइंस और यात्रियों को सहयोग देने के लक्ष्य के साथ, हवाई अड्डे के संचालकों की ओर से लगाए जाने वाले लैंडिंग और पार्किंग शुल्क को कम करके हवाई किराए में बढ़ोतरी को और नियंत्रित किया जा रहा है। यह कदम इस अस्थिर दौर में विमानन क्षेत्र को स्थिर रखने और यात्रियों के लिए सुगम उड़ान सुनिश्चित करने के मंत्रालय के समग्र प्रयासों का हिस्सा है। परिचालन लागत में बढ़ोतरी से जूझ रही एयरलाइंस को राहत प्रदान करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हम इस संबंध में एयरलाइंस, हवाई अड्डे के संचालकों और भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (एईआरए) सहित सभी हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में हैं।”

मंत्रालय ने एईआरए को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर मौजूदा शुल्क में 25% की कटौती करने का निर्देश जारी किया है। यह कटौती सभी घरेलू उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है और तीन महीने तक लागू रहेगी। एईआरए ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि यदि किसी हवाई अड्डे की ओर से शुल्क की वसूली कम हुई है, तो अगले पांच वर्ष की नियंत्रण अवधि में शुल्क निर्धारण के दौरान इसकी भरपाई की जाएगी।

इसी तरह, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को भी अपने सभी गैर-प्रमुख हवाई अड्डों पर लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में मंजूर की गई दर से 25% की कमी करने का निर्देश दिया गया है। घरेलू उड़ानों के लिए यह कमी तीन महीने की अवधि तक लागू रहेगी।

इन तरीकों से तीन महीने की अवधि के दौरान प्रमुख हवाई अड्डों पर एयरलाइनों की ओर से देय लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में लगभग ₹400 करोड़ की कमी आने की उम्मीद है। नागर विमानन मंत्रालय स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है और हवाई संचालन की सुगमता सुनिश्चित करने के साथ-साथ यात्रियों के लिए सुरक्षित और किफायती हवाई यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आगे जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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पीके/केसी/एमएम

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