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सीएक्यूएम ने दिल्ली में सड़क की धूल और स्वच्छता उपायों का आकलन करने के लिए निरीक्षण अभियान चलाया

प्रविष्टि तिथि: 23 APR 2026 8:25PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 22.04.2026 को दिल्ली में एक निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हवा में प्रदूषण फैलाने वाली सड़क की धूल के स्तर का आकलन करना और सड़कों की सफाई व झाड़ू लगाने के कार्यों की प्रभावशीलता की जांच करना था।

यह निरीक्षण आयोग द्वारा गठित पांच (05) उड़नदस्ता दलों द्वारा किया गया। इन दलों ने दिल्ली के तीन क्षेत्रों—सिविल लाइंस, करोल बाग और पश्चिम दिल्ली—में व्यापक क्षेत्रीय आकलन किया; ये सभी क्षेत्र दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

निरीक्षण टीमों की मिली-जुली रिपोर्ट के आधार पर, सड़कों के अलग-अलग हिस्सों पर सड़क की धूल से जुड़े कुल 34 उल्लंघन पाए गए। इनमें महाकवि गोस्वामी तुलसीदास मार्ग, केशोपुर रोड, नजफगढ़ रोड, वैदिक मार्ग, सतगुरु राम सिंह मार्ग, रिंग रोड पंजाबी बाग, बाबा रामदेव मार्ग, मलकागंज रोड, रामलाल कपूर मार्ग, शांति स्वरूप त्यागी मार्ग, आजादपुर रोड, भलस्वा डेयरी रोड और फैज रोड शामिल हैं।

ये उल्लंघन मुख्य रूप से सड़क पर धूल के ज़्यादा स्तर और निरीक्षण किए गए इलाकों में कई जगहों पर निर्माण और तोड़फोड़ (सीएंडडी) से निकले कचरे के जमा होने से जुड़े हैं। ऐसी स्थितियों का पाया जाना यह दिखाता है कि सड़कों की नियमित सफाई, धूल कम करने के उपायों और कचरे को समय पर हटाने के काम में कमियां हैं; ये सभी चीजें हवा में प्रदूषण फैलाने वाले स्थानीय स्रोतों को कम करने के लिए बेहद जरूरी हैं।

आयोग ने संबंधित विभागों, विशेष रूप से एमसीडी को निर्देश दिया है कि वे धूल नियंत्रण उपायों को जमीनी स्तर पर मजबूत करें। इसमें सड़कों की नियमित मशीनीकृत सफाई, पानी का प्रभावी छिड़काव, सीएंडडी कचरे को तुरंत हटाना और अनाधिकृत रूप से कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना शामिल है।

सीएक्यूएम ने इस बात पर जोर दिया है कि सड़कों की धूल और ठीक से प्रबंधित न किया गया सीएंडडी कचरा, विशेष रूप से शहरी वातावरण में, कण प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं। आयोग ने संबंधित एजेंसियों को सलाह दी है कि वे एक सक्रिय और निरंतर दृष्टिकोण अपनाएं। इसमें कमियों के लिए जवाबदेही तय करना, निगरानी तंत्र को बेहतर बनाना और निर्धारित दिशानिर्देशों तथा वैधानिक निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना शामिल है।

आयोग ने दोहराया कि ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत इस तरह के निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान दिल्ली-एनसीआर भर में नियमित रूप से जारी रहेंगे, ताकि स्थानीय वायु प्रदूषण के स्रोतों की पहचान की जा सके और उन्हें कम किया जा सके। आयोग सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि वैधानिक निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके, जीआरएपी उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके और इस क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम किया जा सके।

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पीके/केसी/एमपी/एसएस   

(रिलीज़ आईडी: 2255029) आगंतुक पटल : 15

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