
श्रम और रोजगार मंत्रालय

महिला सशक्तिकरण विकसित भारत के निर्माण का केंद्र है: डॉ. मनसुख मांडविया
डॉ. मांडविया ने महिला श्रम बल भागीदारी दर (एफएलएफपीआर) में लगभग दोगुनी वृद्धि का उल्लेख किया, यह वर्ष 2017-18 के 23.3 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2025 में 40 प्रतिशत हुईश्रम संहिता ने पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को औपचारिक रूप से मान्यता दी, इससे उन्हें कानूनी पहचान और सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच प्राप्त हुई
केंद्रीय मंत्री ने कहा- श्रम संहिता के अंतर्गत समान काम के लिए समान वेतन का प्रावधान
डॉ. मांडविया ने कहा- महिला डिलिवरी सहयोगी न केवल अपने परिवारों का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि सामाजिक प्रगति को आगे बढ़ाते हुए भावी पीढ़ियों को प्रेरित करने के साथ-साथ भारत के आर्थिक एवं सामाजिक ताने-बाने को मजबूत भी कर रही हैं
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने स्विगी के ‘स्विगस्त्री’ कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन और गिग वर्कर कल्याण का समर्थन किया
प्रविष्टि तिथि: 28 APR 2026 1:28PM by PIB Delhi
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा कार्यक्रम तथा खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज ‘स्विगस्त्री: सेलिब्रेटिंग वुमेन ऑन द मूव’ कार्यक्रम में भाग लिया। स्विगी द्वारा आयोजित एक इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य महिला डिलीवरी सहयोगियों के जुझारूपन और साहस को सम्मानित करना है। इस कार्यक्रम में स्विगी फूड मार्केटप्लेस और इंस्टामार्ट की वे महिला डिलीवरी सहयोगी एक साथ आईं, जिन्होंने सामाजिक-आर्थिक बाधाओं को पार करने के साथ-साथ सम्मानजनक आजीविका अर्जित करते हुए अपने परिवारों का भरण-पोषण किया है।

इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. मांडविया ने कहा कि कार्यबल में महिलाओं की समान भागीदारी सामाजिक अनिवार्यता और आर्थिक आवश्यकता दोनों है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण एक विकसित भारत के निर्माण का केंद्रबिंदु है।
Addressed @Swiggy‘s ‘SwigStree’ event in New Delhi today and felicitated our inspiring women delivery partners.
Under PM Shri @narendramodi Ji’s visionary leadership, the new labor codes have given gig & platform workers a formal identity for the first time ever. This historic… pic.twitter.com/LJfmAhwOP0
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) April 28, 2026
डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में महिलाओं के लिए नए और अनुकूल अवसर खुल रहे हैं, जिससे महिला रोजगार के संकेतकों में अभूतपूर्व सुधार हो रहा है। महिला श्रम बल सहभागिता दर (एफएलएफपीआर) 2017-18 में 23.3 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 40 प्रतिशत हो गई है। इसी अवधि में महिला श्रमिक जनसंख्या अनुपात (एफडब्ल्यूपीआर) भी 22 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 39 प्रतिशत हो गया है। इसके अलावा, महिला बेरोजगारी दर (एफयूआर) 5.6 प्रतिशत से घटकर 3.1 प्रतिशत हो गई है। यह दर्शाता है कि रोजगार की तलाश करने वाली महिलाएं अब अधिक सफलतापूर्वक रोजगार प्राप्त कर रही हैं।

डॉ. मांडविया ने पिछले दशक में भारत के सामाजिक सुरक्षा कवरेज में लगभग तीन गुना विस्तार पर भी बल दिया, जो वर्ष 2015 के 19 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2025 में 64.3 प्रतिशत से अधिक हो गया है। यह श्रम कानून सुधार, डिजिटल समावेशन और लक्षित कल्याण वितरण जैसे क्षेत्रों में निरंतर नीतिगत कार्रवाई का परिणाम है।
डॉ. मांडविया ने पिछले नवंबर में लागू हुईं चार श्रम संहिताओं की ओर ध्यान दिलाया और उनके द्वारा लाए गए परिवर्तनकारी सुधारों पर बल दिया। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के अंतर्गत पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को औपचारिक रूप से मान्यता दी गई है। उन्होंने कहा कि इन श्रमिकों, जिनमें से कई महिलाएं हैं, को अब कानूनी पहचान और सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच प्राप्त है। उन्होंने कहा कि समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत संहिताओं में निहित है। यह लिंग आधार पर वेतन भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

डॉ. मांडविया ने बताया कि श्रम संहिता में घर से काम करने के प्रावधान, मातृत्व अवकाश के अधिकार और कार्यस्थलों पर शिशुगृह सुविधाओं की स्थापना का भी प्रावधान है, ये ऐसे उपाय हैं जो सीधे तौर पर उन संरचनात्मक बाधाओं को दूर करते हैं जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से महिलाओं को कार्यबल में अपनी भागीदारी बनाए रखने से रोका है।
डॉ. मांडविया ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में गिग और प्लेटफॉर्म आधारित रोजगार की अनूठी क्षमता के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि प्लेटफॉर्म आधारित रोजगार, कामगार के समय, रुचि और व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुरूप उदारता प्रदान करता है। महिला डिलीवरी साझेदारों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि महिला डिलीवरी साझेदार न केवल अपने परिवारों का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि सामाजिक प्रगति को भी आगे बढ़ा रही हैं, आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित कर रही हैं और राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत कर रही हैं।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने स्विगी फूड मार्केटप्लेस और इंस्टामार्ट की उन महिला डिलीवरी सहयोगियों को सम्मानित किया, जिन्होंने अपने परिवारों का भरण-पोषण करने के लिए असाधारण साहस और दृढ़ता का परिचय दिया। स्विगी के सह-संस्थापक और ग्रुप मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीहरशा मजेटी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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