Action by three countries against cyber criminals in Myanmar: जिस तरह भारत में कभी झारखंड का जामताड़ा डिजिटल ठगी का गढ़ हुआ करता था. उसी तरह म्यांमार का म्यावद्दी इलाका दक्षिण-पूर्व एशिया का सबसे बड़ा साइबर क्राइम हब बन चुका था. यहां से चीन, थाईलैंड, भारत समेत बाकी दुनिया के देशों के साथ साइबर अपराध किए जा रहे थे. इन देशों के नागरिकों को निशाना बनाकर ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल सेंटर और अवैध जुए का नेटवर्क चलाया जा रहा था. अब इस ‘साइबर साम्राज्य’ पर करारा प्रहार हुआ है.
तीन देशों ने मिलकर चलाया ऑपरेशन
चीन, म्यांमार और थाईलैंड की एजेंसियों ने मिलकर ‘म्यांमार का जामताड़ा’ कहे जाने वाले म्यावद्दी इलाके में संयुक्त ऑपरेशन चलाया. तीनों देशों के इस ऑपरेशन में म्यावद्दी के कुख्यात केके पार्क और याताई न्यू सिटी को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया गया.
494 इमारतें ढहीं, साइबर अड्डों का सफाया
चीन सरकार के मुखपत्र कहे जाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने इस ऑपरेशन की डिटेल दी है. इसमें बताया गया है कि म्यावद्दी में ठिकाना बनाए साइबर ठग चीन के लोगों को लगातार अपना निशाना बना रहे थे. जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक नुकसान हो रहा था. इसके बाद चीन सरकार ने म्यांमार और थाईलैंड के साथ सहयोग बढ़ाकर इस ऑपरेशन की रूपरेखा बनाई.
साइबर अपराध के ठिकानों पर चला ऑपरेशन
इस ऑपरेशन के लिए चीन ने अपनी स्पेशल टास्क फोर्स म्यांमार भेजी. जिसने म्यांमार और थाईलैंड की पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की. 15 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चले इस अभियान में साइबर ठगों के अड्डों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई. ऑपरेशन में म्यांमार के केके पार्क में 494 इमारतों को बुलडोजर से गिरा दिया गया. इन इमारतों में अधिकतर फर्जी कॉल सेंटर, ऑनलाइन जुए और क्रिप्टो-ठगी के ठिकाने चल रहे थे. इसके बाद याताई न्यू सिटी को भी पूरी तरह ‘फ्रॉड-फ्री जोन’ घोषित कर साफ कर दिया गया.
चीन वापस भेजे गए 952 संदिग्ध
इस कार्रवाई में 952 चीनी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया. ये लोग म्यावद्दी में रहकर चीन, भारत समेत दूसरे देशों के नागरिकों को ठग रहे थे. वे सभी लोग या तो ठगी के नेटवर्क का हिस्सा थे या फिर साइबर फ्रॉड को ऑपरेट कर रहे थे. अरेस्टिंग के बाद सभी चीनी अपराधियों को चीन को डिपोर्ट कर दिया गया. चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ये गिरोह चीनी नागरिकों को ही करोड़ों डॉलर का नुकसान पहुंचा चुके थे.
A joint operation by China, Myanmar, and Thailand has struck gambling and telecom fraud zones in Myanmar’s Myawaddy region, demolishing 494 buildings related to crimes at the KK Park, completely clearing the Yatai New City fraud hub, with 952 Chinese suspects extradited back to… pic.twitter.com/gL6MJDRQSP
— Global Times (@globaltimesnews) December 25, 2025
इस अभियान का क्या पड़ेगा असर?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साइबर अपराध अब किसी एक देश की नहीं बल्कि वैश्विक समस्या बन चुके हैं. सरकारों की कार्रवाई से बचने के लिए अपराधी अब दूर-दराज के इलाकों में रहकर ठगी का धंधा चला रहे हैं. ऐसे में साइबर अपराध पर रोक लगाने के लिए अब विभिन्न देशों को इसी तरह मिलकर कार्रवाई करनी होगी. इस ऑपरेशन से ऐसे अपराध पूरी तरह खत्म तो नहीं होंगे लेकिन उनमें डर जरूर बनेगा कि अब उनके लिए दुनिया में कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है.
