Patna: पटना में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. जहां एक तरफ बिहार में लोगों को ऑक्सीजन और बेड नहीं मिल रहे हैं. लोग ऑक्सीजन (oxygen) के अभाव में दम तोड़ रहे हैं, तो वहीं पटना सिविल सर्जन कार्यालय के बगल में गर्दनीबाग स्वास्थ सेवा केंद्र परिसर में 36 ऑक्सीजन सिलेंडर (Oxygen Cylinders) कबाड़ में पाए गए हैं.

वहीं, मामला प्रकाश में आने पर अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया और तुरंत उस जगह से सिलेंडर को हटा दिया गया. इस मामले के सामने आने के कुछ ही देर बाद स्वास्थ्य सेवा केंद्र परिसर के कार्यालय में जिलाधिकारी डॉक्टर चंद्रशेखर पहुंचे जिसके बाद आनन-फानन में सिविल सर्जन भी वहां पहुंची और घंटो तक मीटिंग चली.

इसको लेकर पटना डीएम से सवाल पूछा गया तो उनका जवाब था कि सिलेंडर की किल्लत नहीं है बल्कि ऑक्सीजन की किल्लत है. सिलेंडर में ऑक्सीजन भरने के लिए हमें ऑक्सीजन गैस चाहिए था. सिलेंडर हमारे पास बहुत अधिक हैं. ऑक्सीजन का प्रोडक्शन बढ़ा है और जैसे-जैसे ऑक्सीजन का प्रोडक्शन बढ़ेगा हम सभी सिलेंडर यूज करेंगे.

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इधर, सिविल सर्जन ने कहा कि ऑक्सीजन सिलेंडर फेंका हुआ नहीं था. इन सिलेंडर को बाहर से मंगवाया गया है. ब्लॉक स्तर पर यदि जरूरत पड़ती है तो इन सिलेंडर को वहां भेजा जाता है. इसके बाद यह पूछे जाने पर कि कूड़ेदान में सिलेंडर फेंके गए थे तो सिविल सर्जन का कहना था वह खाली सिलेंडर है. 

हैरत की बात है कि स्वास्थ्य सेवा केंद्र परिसर के कार्यालय में जहां सिविल सर्जन और डीएम ने मीटिंग की, उसके बाहर एंटीजन किट कोविड जांच करने के बाद फेंके गए थे. इतना ही नहीं, मास्क और दस्ताना भी फेंके गये थे. जब DM और सीएस को वहां फेंके गए मास्क व दस्ताना दिखाया गया और पूछा गया कि इस लापरवाही से कोरोना पर कैसे लगाम लगाया जा सकता है तो डीएम ने दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही.