DNA Analysis: हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव ने कनाडा पर टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले को खारिज कर दिया है. ये फैसला ट्रंप के लिए कितना बड़ा झटका है और इसका ट्रंप के टैरिफ पर क्या असर होगा, ये बताने से पहले आपको जानना चाहिए कि अमेरिकी संसद में क्या हुआ.
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से एक प्रस्ताव पेश किया गया जिसमें कनाडा के खिलाफ ट्रंप के टैरिफ को रद्द करने की मांग की गई. डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से ये दलील दी गई कि टैरिफ की वजह से कनाडा के साथ अमेरिका के संबंधों को नुकसान हुआ है और वो चीन के करीब चला गया है.
रिपब्लिकन का बहुमत
इस प्रस्ताव पर जब वोटिंग कराई गई तो ये 211 के मुकाबले 219 वोट से पास हुआ. सोचिए, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में ट्रंप की पार्टी यानी रिपब्लिकन का बहुमत है लेकिन इसके बावजूद वहां ट्रंप की नीति के खिलाफ प्रस्ताव पास हो गया. यानी ट्रंप की पार्टी के सदस्यों ने भी प्रस्ताव का समर्थन और ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ वोटिंग की.
संसद में कितने सदस्य
हमारे देश में अगर सरकार की किसी नीति के खिलाफ संसद के निचले सदन से कोई प्रस्ताव पास हो जाता तो सरकार गिर जाती लेकिन अमेरिका की संघीय व्यवस्था अलग होने की वजह से ट्रंप इसके बावजूद सत्ता में बने हुए हैं. आपको अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में दलीय स्थिति के बारे में जानना चाहिए. यहां कुल सदस्यों की संख्या 435 जिनमें से 3 सीट अभी खाली हैं. यानी फिलहाल 432 सीट हैं. रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य 218 हैं जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के 214 सदस्य हैं.
ट्रंप की चेतावनी
लेकिन जब वोटिंग हुई तो 219 ने ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ वोट दिया और टैरिफ के समर्थन में 211 वोट ही पड़े. ट्रंप की पार्टी के 6 सांसदों ने भी टैरिफ लगाने के फैसले का विरोध करते हुए क्रॉस वोटिंग की. यानी दुनिया को टैरिफ के नाम पर डराने-धमकाने पर अपने ही सांसदों ने ट्रंप के खिलाफ बगावत कर दी और विपक्षी पार्टी के साथ हाथ मिला लिया. ट्रंप ने वोटिंग के दौरान अपनी पार्टी के सांसदों को चेतावनी भी दी थी. ट्रंप ने कहा कि प्रतिनिधि सभा या सीनेट में टैरिफ के खिलाफ वोट देने वाले रिपब्लिकन सदस्य को चुनाव के समय गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे. लेकिन ट्रंप की धमकी की परवाह नहीं करते हुए 6 सांसदों ने विपक्ष के प्रस्ताव का साथ दिया.
कनाडा पर टैरिफ
इसके बाद ट्रंप के करीबी और हाउस के स्पीकर माइक जॉनसन ने इस प्रस्ताव को रोकने की कोशिश की लेकिन वो भी नाकाम रहे. ट्रंप ने पिछले साल कनाडा पर 25-35% के बीच टैरिफ लगाया था. कुछ दिन पहले ट्रंप ने कनाडा पर चीन के साथ व्यापार का आरोप लगाते हुए 100% तक टैरिफ लगाने की धमकी दी थी. लेकिन अपने प्रस्ताव के जरिए अमेरिकी संसद ने ट्रंप की टैरिफ नीति पर सवालिया निशाना लगा दिया है. इस प्रस्ताव के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा है कि वो यहीं पर नहीं रुकेगी बल्कि वो दुनिया के दूसरे देशों पर लगाए गए टैरिफ के खिलाफ भी प्रस्ताव लाएगी.
सीनेट में जाएगा प्रस्ताव
अब ये प्रस्ताव अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन यानी सीनेट में जाएगा. वहां भी रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है लेकिन अगर हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव की तरह ट्रंप की पार्टी में क्रॉस वोटिंग हुई तो ट्रंप की मुश्किल बढ़ सकती है. हालांकि संसद के दोनों सदनों से झटके के बावजूद ट्रंप के पास प्रस्ताव के खिलाफ वीटो का अधिकार है लेकिन ये हार ट्रंप की नीतियों को करारा तमाचा है. इससे पूरी दुनिया में ये संदेश जाएगा कि ट्रंप ने संसद की अनुमति के बिना कनाडा पर टैरिफ थोपा है. सोचिए, ट्रंप जिस टैरिफ का ढिंढोरा पूरी दुनिया में पीट रहे हैं, अमेरिकी संसद उसका विरोध कर रही है. इस साल होने वाले मिड टर्म चुनाव में भी ये मुद्दा बन सकता है.
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टैरिफ को किया खारिज
यहां आपको ये बताना भी जरूरी है कि ट्रंप के टैरिफ को लेकर एक फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का भी आने वाला है. इसमें टैरिफ लगाने के ट्रंप के कानूनी अधिकार को चुनौती दी गई है. निचली अदालत ने ट्रंप के टैरिफ को खारिज कर दिया था. अगर सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे खारिज कर दिया तो दुनिया के अलग-अलग देशों पर लगाया गया ट्रंप का टैरिफ पूरी तरह खत्म हो जाएगा.
