How US Army kidnapped Venezuelan President in 30 minutes: अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी फोर्स ने वेनेजुएला पर हमला किया. सिर्फ 30 मिनट के अंदर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर में घुसकर पकड़ लिया. आप कह सकते हैं, कि ट्रंप के सैनिकघर में घुसकर मादुरो को उठा ले गए. सोचिए किसी देश की राजधानी में उनके राष्ट्रपति को कड़ी सुरक्षा के बीच दूसरे देश के सैनिकों ने उठा लिया . इस बात का ऐलान खुद अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने किया. यानी जो डॉनल्ड ट्रंप कल तक शांति के लिए नोबेल पुरस्कार मांग रहे थे, आज वो दूसरे देशों पर हमला कर रहे हैं. दूसरे देश के राष्ट्रपति को अगवा करा रहे हैं.

30 मिनट में मादुरो को कर लिया अगवा

आपको अमेरिका की उस स्पेशल फोर्स के बारे में जानना चाहिए.जिसे दूसरे मुल्क के राष्ट्रपति को उसके घर में घुसकर अगवा करने में सिर्फ 30 मिनट लगे. यूएस फोर्स मादुरो को उनके घर से घसीटकर ले गई. मादुरो के साथ उनकी पत्नी भी थीं. वेनेजुएला के राष्ट्रपति को आखिर कहां ले जाया गया है, उन्हें कहां रखा गया है? और इस समय वेनेजुएला में क्या चल रहा है. दुनिया के कौन-कौन से देश मादुरो के साथ खड़े हैं?
इन सभी सवालों के जवाब आज आपको मिलेंगे. 

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आपको ये भी समझना चाहिए, अब वेनेजुएला में आगे क्या होगा ? निकोलस मादुरो के साथ ट्रंप क्या करने वाले हैं ? ट्रंप ने मादुरो को गिरफ्तार करके किस तरह ईरान के खलीफा को भी बड़ी चेतावनी दे दी है. इस पूरे विश्लेषण से पहले आपको तख्तापलट से जुडे 5 बड़े अपडेट जानने चाहिए . ट्रंप ने अब से थोड़ी देर पहले कुछ बड़े एलान किए हैं.

– ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला की अगली लीडरशिप और तेल का फैसला अमेरिका करेगा.
– ट्रंप ने व्हाइट हाउस से इस पूरे ऑपरेशन को मॉनिटर किया और इस ऑपरेशन को अभूतपूर्व बताया है.
– ट्रंप ने खुलासा किया है कि उन्होंने मादुरो को एक हफ्ते पहले आखिरी चेतावनी दी थी.
– अब मादुरो पर अमेरिका में आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा.
– रूस, चीन, ईरान और नॉर्थ कोरिया ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की निंदा की है.

इन वीडियोज में छिपी है हमले की कहानी

आज सारी दुनिया में वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले की चर्चा हो रही है. आज आपको इस हमले से जुड़े 5 सबसे महत्वपूर्ण वीडियो के बारे में भी जानना चाहिए क्योंकि इन्हीं वीडियो में दुनिया के सबसे तेज तख्तापलट की कहानी भी छिपी है.

पहला वीडियो वेनेजुएला की राजधानी काराकस में धमाकों का था. इस वीडियो में धमाकों के बाद आग का गुबार आसमान तक उठता दिखाई दिया. वीडियो में एक ही जगह पर एक के बाद एक कई धमाके होते नजर आए. मतलब एक लक्ष्य पर कई हमले हुए. ये वीडियो बता रहा था कि अमेरिका ने हमले के लिए जिन लक्ष्यों को चुना, उनको पूरी तरह तबाह कर दिया. 

दूसरे वीडियो में काराकस की पहाड़ियों में बड़े धमाके का वीडियो था. अमेरिकी हमले के दौरान सबसे बड़ा धमाका यहीं पर देखा गया. काराकस की इन्हीं पहाड़ियों में वेनेजुएला का कम्युनिकेशन सेंटर मौजूद था. तीसरा वीडियो ला ग्वाइरा पोर्ट का रहा. यहां पर भी बड़े धमाके दिखाई दिए. अमेरिकी एयरफोर्स ने यहां पर भी एक के बाद एक कई धमाके किए. ला ग्वाइरा पोर्ट राजधानी काराकस के नजदीक मौजूद है . जिसे कैरिबियन तट पर स्थित देश का प्रमुख बंदरगाह माना जाता है. 

चौथा वीडियो अमेरिका के अटैक हेलीकॉप्टर अपाचे के हमलों का रहा. अमेरिका ने इसी अटैक हेलीकॉप्टर से वेनेजुएला पर सीधा हमला किया. वीडियो में अमेरिकी हेलीकॉप्टर एक के बाद एक फायर करते दिखाई दे दिए. टारगेट के पास आग का गुबार नजर आ रहा है . अमेरिका ने इसी अपाचे हेलीकॉप्टर का आधुनिक वर्जन भारत को भी दिया है. 

हमले के पांचवे वीडियो में वेनेजुएला की राजधानी काराकस के आसमान में एक के बाद एक कई हेलीकॉप्टर उड़ते दिख रहे थे. इसमें अमेरिकी वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर भी नजर आ रहे हैं. ये हेलीकॉप्टर आसमान में काफी नीचे उड़ान भर रहे थे. इन्ही हेलीकॉप्टर से अमेरिका के डेल्टा कमांडो राजधानी काराकस में पहुंचे थे. 

अमेरिका ने हमले को कैसे दिया अंजाम

आपके लिए ये समझना भी जरूरी है कि अमेरिका ने इस ऑपरेशन को क्यों और कैसे अंजाम दिया. अमेरिका ने ये ऑपरेशन इसलिए किया क्योंकि वो, मादुरो को एक अपराधी मानता था. ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर यानी लगभग 415 करोड़ रुपये का इनाम रखा था. 

अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक मादुरो पर अमेरिका में कोकीन सप्लाई कराने की साज़िश रचने, ड्रग कार्टेल्स को संरक्षण देने, आतंकी संगठनों के साथ गठजोड़ करने और अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की साज़िश का आरोप लगाया गया था.

इस ऑपरेशन को अमेरिका के 415 करोड़ रुपये के इनामी यानी मादुरो को गिरफ्तार करने के लिए ही लॉन्च किया गया. अमेरिका के डेल्टा कमांडोज़ ने निकोलस मादुरो को सिर्फ 30 मिनट के ऑपरेशन में कैसे गिरफ्तार किया. इसे समझने के लिए आपका ये जानना भी जरूरी है . सिर्फ 30 मिनट के मुख्य आपरेशन को सफल बनाने के लिए अमेरिकी फोर्सेस ने वेनेजुएला में कितनी बमबारी की. वेनेजुएला के उन ठिकानों को कैसे निशाना बनाया. जो मादुरो की गिरफ्तारी में बाधा बन सकते थे. अमेरिकी सेना ने आज वेनेजुएला में चार ठिकानों पर बड़े हमले किए.

इन ठिकानों पर हमले ने तोड़ दी मादुरो की कमर

पहला ठिकाना था..फुएर्ते टियुना. ये राजधानी काराकस का मुख्य सैन्य अड्डा और देश का सबसे बड़ा मिलिट्री बेस है . इसे आप वेनेजुएला की सेना का दिमाग कह सकते हैं. यहीं से सेना, नेशनल गार्ड, इंटेलिजेंस और राष्ट्रपति सुरक्षा के लिए आदेश दिए जाते थे. कई बार राष्ट्रपति मादुरो खुद यहीं से हालात मॉनिटर करते थे. अमेरिका ने फुएर्ते टियुना को बड़े हमले से ठप करके वेनेजुएला की सेना का कमांड-कंट्रोल सिस्टम तोड़ दिया.

अमेरिका ने दूसरा बड़ा हमला ला कार्लोटा में किया. ये काराकस का मुख्य एयरबेस है. जिसका सैन्य और नागरिक दोनों उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यानी यहीं से वेनेजुएला के सैन्य लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर उड़ान भरते थे. इसके अलावा वीआईपी और राष्ट्रपति की उड़ानों के लिए भी इसका इस्तेमाल होता था. अमेरिका ने इसे तबाह करके काराकस को एयर डिफेंस से वंचित कर दिया. इसके  अलावा राष्ट्रपति मादुरो के भागने की संभावना भी खत्म हो गई.

अमेरिका ने तीसरा बडा हमला एल वोलकान में किया ये काराकस की पहाड़ियों में स्थित कम्युनिकेशन सेंटर है. यहीं से वेनेजुएला की सेना, एयर डिफेंस, पुलिस और राष्ट्रपति सुरक्षा आपस में जुड़ते हैं. इसे तबाह करके अमेरिका ने वेनेजुएला की सेना को अंधा और बहरा कर दिया. जिससे अमेरिकी हमले का जवाब देने के लिए ना कोई आदेश मिला और न ही फोर्सेस का समन्वय हो पाया. भ्रम और अफरातफरी के बीच मादुरो अगवा हो गए.

अमेरिका ने चौथा बड़ा हमला ला ग्वाइरा पोर्ट पर किया. ये कैरिबियन तट पर स्थित देश का प्रमुख बंदरगाह है. ये तेल निर्यात और सैन्य सप्लाई का मुख्य रास्ता है. इसे राजधानी के सबसे नजदीक का समुद्री द्वार कहा जाता है. यानी अमेरिका ने प्रतिरोध की स्थिति में सरकार की सप्लाई चेन तोड़ दी. यानी सुनिश्चित किया बाहरी देश वेनेजुएला को मदद नहीं दे पाएं.

कई महीनों से वेनेजुएला का कर रखा था घेराव

ट्रंप प्रशासन के आदेश पर अमेरिकी सेना ने पिछले कई महीनों से वेनेजुएला को घेर रखा था. कैरेबियन समुद्री क्षेत्र में अमेरिका ने अपने एयरक्राफ्ट कैरियर समेत 10 युद्धपोत और परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी भी भेज रखी है. यहीं से ये पूरा आपरेशन चलाया गया . जिसे ट्रंप व्हाइट हाउस ते मॉनिटर कर रहे थे. इन हमलों ने वेनेजुएला के प्रतिरोध की क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचाया. इसके अलावा वेनेजुएला में धमाकों से मादुरो की सुरक्षा में तैनात गार्ड्स और सेना का ध्यान भी भटका.

इधर अमेरिका के अटैक हेलीकॉप्टर अपाचे और दूसरे एयरक्रॉफ्ट जिस वक्त वेनेजुएला में अपने टारगेट को निशाना बना रहे थे. ठीक उसी वक्त कैरेबियन सागर में मौजूद नेवी फ्लीट के Amphibious Ship USS वास्प से ​चिनूक हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी .इस हेलीकॉप्टर में अमेरिका के सबसे एलीट डेल्टा कमांडो मौजूद थे.

डेल्टा फोर्स के कमांडोज की एंट्री से पहले, अमेरिकी वायु सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर वेनेजुएला के एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर चुके थे. जिससे बगैर किसी प्रतिरोध डेल्टा फोर्स के कमांडो चिनूक हेलीकॉप्टर के जरिए सीधे मादुरो के ठिकाने के पास उतरे. मिराफ्लोरेस पैलेस मादुरो का आधिकारिक निवास है. कई बार वो सुरक्षा कारणों से सैन्य ठिकानों और हाई-सिक्योरिटी सेफ हाउस में ठहरते थे.

इस आपरेशन से पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने मादुरो की सुरक्षा में तैनात गार्ड के जरिए उनकी सही लोकेशन मालूम की थी. आपरेशन के दौरान अमेरिका के हाई-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट लगातार इस ठिकाने की गति​विधियों पर नजर रख रहे थे. जिनमें वाहनों की आवाजाही भी ​शामिल थी.

मादुरो का पत्नी समेत कर लिया अपहरण

सटीक सूचना के बाद कमांडोज ने बिना किसी बड़े प्रतिरोध के मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स को हिरासत में ले लिया. जिस वक्त मादुरो को पकड़ा गया वो सो रहा था और अमेरिकी कमांडो उसको घसीट कर साथ ले गए . हालांकि इतनी आसानी से मादुरो के पकड़े जाने पर कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं. जिनका विश्लेषण हम आगे करेंगे .

राजधानी से मादुरो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद, उनको एक सुरक्षित विमान में बिठाकर वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया. अब तक जो खबर मिली है उसके मुताबिक मादुरो को न्यूयॉर्क लाया जा सकता है.

इससे पहले यूएस फोर्स ने वेनेजुएला में बम बरसाकर कई ठिकानों को नष्ट किया. जिसका मुख्य मकसद गिरफ्तारी वारंट को लागू करने वाले अधिकारियों की सुरक्षा और बचाव करना था. इन हमलों से अमेरिका ने वेनेजुएला की जवाबी हमले की क्षमता भी छीन ली. ये पूरी जानकारी रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बातचीत के आधार पर दी है.

अमेरिकी राष्ट्रपति की पर्सनल फोर्स है डेल्टा फोर्स

आपको अमेरिका की सबसे गुप्त, सबसे घातक स्पेशल मिशन यूनिट डेल्टा के बारे में भी जानना चाहिए. जो मादुरो को खामोशी के साथ उनकी राजधानी से पकड़कर अमेरिका पहुंचाने वाली है. अमेरिका की डेल्टा फोर्स का काम युद्ध नहीं बल्कि हाई-वैल्यू टारगेट की गिरफ्तारी होता है. ये दुनिया में आतंकवादियों और नेताओं की गिरफ्तारी करती है. इसी फोर्स ने आईएसआईएस चीफ बगदादी को भी पकड़ा था. डेल्टा फोर्स  सीधे अमेरिका के राष्ट्रपति के आदेश पर काम करती है. यानी इसे ट्रंप की पर्सनल फोर्स भी कहा जा सकता है. 

10–15 साल का युद्ध अनुभव रखने वाले कमांडो इस फोर्स का हिस्सा बनते हैं. ये चिनूक या फिर ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर से आपरेट करती है. इसकी चयन प्रक्रिया इतनी मुश्किल होती है सिर्फ 10 परसेंट सैनिक इसे पास कर पाते हैं. एक डेल्टा कमांडो को एक प्लाटून जितना शक्तिशाली माना जाता है. इस आपरेशन में कुछ कमांडो के घायल होने की खबर है लेकिन किसी की मौत नहीं हुई है.

इस आपरेशन से पहले दुनिया सोच भी नहीं सकती थी कि अमेरिका इस तरह मादुरो को उनकी राजधानी से उठा लेगा. और यही वजह है कि जब तक डॉनल्ड ट्रंप ने खुद इस बात की जानकारी नहीं दी. दुनिया को यकीन नहीं हुआ कि मादुरो के साथ ऐसा भी हो सकता है. ट्रंप ने खुद अमेरिकी सेना को मादुरो की गिरफ्तारी का आदेश दिया था. 

इस गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने ही सोशल मीडिया पर दुनिया को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेता राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ एक बड़े पैमाने पर सफल सैन्य कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी – दोनों को गिरफ्तार कर देश से बाहर ले जाया गया है. यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से अंजाम दिया गया.

हमले के बाद ट्रंप ने दी दुनिया को जानकारी

ट्रंप कह रहे हैं . दुनिया का कोई देश ऐसा नहीं कर सकता जैसा ऑपरेशन अमेरिका ने किया है. लेकिन सवाल उठ रहे हैं अब वेनेजुएला में क्या होगा. मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला में सरकार समझ नहीं पा रही है कि आगे क्या करना है. वेनेजुएला के उप राष्ट्रपति ने अमेरिका से मादुरो के जिंदा होने का सबूत मांगा है. एटॉर्नी जरनल ने कहा है कि मादुरो की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब अमेरिका की है.

हालांकि मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला से जश्न मनाते हुए तस्वीरें भी सामने आई हैं . इस वीडियो में मादुरो का बड़ा पोस्टर उतारा जा रहा है. इसे देखकर वहां पर मौजूद लोग जश्न मना रहे हैं. क्या पूरा वेनेजुएला ऐसा ही सोच रहा है. ये अभी कहा नही जा सकता क्योंकि मादुरो की गिरफ्तारी के बावजूद अब तक सत्ता उनके समर्थकों के पास है. इस ऑपरेशन के बाद डॉनल्ड ट्रंप के नए बयान ने वेनेजुएला के भविष्य की तस्वीर दिखा दी है.

ट्रंप ने बताया कि अमेरिका वेनेजुएला की अगली नेतृत्व व्यवस्था पर फैसला ले रहा है. मतल​ब ये ऑपरेशन सिर्फ़ मादुरो की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं बल्कि अमेरिका ये भी बताएगा वेनेजुएला कौन चलाएगा. ट्रंप ने मादुरो समर्थकों को खुली चेतावनी देते हुए कहा जो मादुरो के साथ रहेगा उसका भविष्य बहुत बुरा होगा. यानी वेनेजुएला में मादुरो समर्थकों और उनके वफादारों पर भी कार्रवाई होगी.

ट्रंप ने मादुरो की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो का नाम भी खुलकर लिया है . ट्रंप ने कहा कि वो मचाडो को लेकर विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. मतलब ट्रंप जिस नोबल पुरस्कार को हासिल करना चाह रहे थे. उसे पाने वाली मचाड़ो अब विपक्षी नेता नहीं अगली राष्ट्रपति भी हो सकती हैं.

अटैक के बाद से चुप्पी क्यों साधे हैं मचाडो?

वेनेजुएला की आयरन लेडी कोरिना मचाडो देश में रहकर मादुरो का विरोध कर रही थीं. उनकी गिरफ्तारी के बाद कोरिना ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं. नोबल पुरस्कार मिलने के बाद ट्रंप और अमेरिका की तारीफ कर चुकीं कोरिना मचाडो फिलहाल अमेरिका के हमले पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. उन्होने इस हमले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है. इसे जानबूझकर अपनाई गई रणनीतिक चुप्पी माना जा रहा है. यानी पहले अमेरिका मादुरो समर्थकों से डील करेगा. इसके बाद वेनेजुएला के विपक्ष को निर्देश दिए जा सकते हैं. फिलहाल अमेरिका में मादुरो पर आपराधिक मामला चलाया जाएगा और उनको अमेरिका के कानून के मुताबिक सजा दी जाएगी. इसका एलान भी ट्रंप प्रशासन कर चुका है.

इस वक्त एक बड़ी खबर आ रही है. मादुरो का पता चल गया है. इस वक्त मादुरो कहां हैं, इस सस्पेंस से अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पर्दा हटा दिया है. ट्रंप ने बताया है मादुरो और उनकी पत्नी, जिन्हें अमेरिका ने हिरासत में लिया है, वो USS इवो जिमा युद्धपोत पर हैं. ये जहाज अब कैरिबियन क्षेत्र से बाहर निकल रहा है, जिसमें कुछ समय लगेगा क्योंकि यह एक बड़ा इलाका है. इसके बाद यह न्यूयॉर्क की ओर जाएगा. अब किसी भी समय, मादुरो अमेरिकी समुद्री सीमा में पहुंच जाएंगे. उसके बाद उन्हें  एयरलिफ्ट करके न्यूयॉर्क ले जाया जाएगा.