Patna: कोरोना की दूसरी लहर ने बिहार में कोहराम मचा रखा है. हर तरफ बस त्राहि-त्राहि देखने को मिल रही है. राज्य में हर दिन नए आंकड़े सामने आ रहे हैं. इस कहर को लेकर पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने एक बार फिर बिहार सरकार को फटकारा है. हाईकोर्ट ने तल्‍ख टिप्‍पणी करते हुए कहा ‘इन हालातों से राज्‍य में कोविड प्रबंधन की जिम्‍मेदारी सेना को सौंप देनी चाहिए.’

‘स्थिति में सुधार नहीं होना शर्म की बात’
हाईकोर्ट ने कहा कि ‘बार-बार आदेश के बाद भी कोरोना से बिगड़ रही स्थिति में कोई सुधार नहीं होना शर्म की बात है.
हमने 15 अप्रैल को पहली तारीख पर ही आदेश पारित किया था कि स्थिति से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है, जो अब नियंत्रण से बाहर जा चुकी है.’

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‘सरकार कार्रवाई को मजाक ना समझे’
कोर्ट ने कहा कि ‘हम सब ने जो भी किया है, उसके लिए हम शर्मिंदा हैं. हम सभी विफल रहे हैं. सरकार कार्रवाई को मजाक न समझे. हम और इंतजार नहीं कर सकते. हम-आप लोगों के जीवन के साथ खेल नहीं सकते हैं. ये बात हम पर भी लागू होती है कि हम भी विफल रहे हैं, क्योंकि हम राज्य के अधिकारियों के झूठे आश्वासन पर निर्भर रहे.’

2 दिन में सौंपे रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने मंगलवार को कोरोना मामले की सुनवाई करते समय बिहार सरकार के कोरोना से निपटने में असफल होने पर नाराजगी जाहिर की. हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को दो दिन में कोरोना संबंधी विस्‍तृत रिपोर्ट देने को कहा है. इसके साथ ही पटना उच्च न्यायालय ने कोरोना मामलों पर अगली सुनवाई छह मई तक के लिए स्‍थगित कर दी. अदालत में कोरोना मामलों पर अब सुनवाई छह मई को होगी.

कोरोना मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस चक्रधारीशरण सिंह और मोहित कुमार शाह की खंडपीठ को बिहार सरकार की तरफ से बताया गया कि पूरे बिहार में 5 मई से लेकर 15 मई तक (10 दिनों) लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया गया है. 

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‘सरकार कोविड से निपटने में असफल’
कोर्ट ने कोरोना को काबू करने की स्थितियों पर नाराजगी जताते हुए यहां तक कहा ‘हमारी नजर में आप लोग असफल हो रहे हैं तो क्‍यों नहीं सेना को बिहार में कोरोना प्रबंधन का जिम्मा सौंप दिया जाना चाहिए.’ पर्यवेक्षण के दौरान ये सवाल उठाया गया था, जिस पर सरकार ने अपना पक्ष रखा कि आप किस आधार पर कोविड मैनेजमेंट का जिम्मा सेना को देने की बात कर रहे हैं?

कोर्ट ने कहा, ‘यदि यहां जमीनी हकीकत सही है तो क्या आपके नहीं लगने से आप ये जिम्मेदारी सेना को सौंप सकते हैं?’ आखिर में पटना हाईकोर्ट ने कहा कि अभी इस विषय को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है. पहले आप अपना सारा विवरण सौंप दें, उसके बाद इस मसले पर विचार किया जाएगा.

एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने बताया कि अभी उन्हें डिटेल फाइल करने के लिए कहा गया है. इसके लिए उनके पास बुधवार तक के लिए समय है. छह मई को इस मसले पर आगे की कार्यवाही होगी.