Morgan mcsweeney resigns after epstein case: ब्रिटेन में जेफरी एपस्टीन से जुड़े विवाद ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है. प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के सबसे करीबी सहयोगी और डाउनिंग स्ट्रीट के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. ये फैसला पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाए जाने से जुड़े विवाद के बाद सामने आया है. मैकस्वीनी को स्टार्मर की 2024 की चुनावी जीत का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता था.
मैकस्वीनी ने ली पूरी जिम्मेदारी
मैकस्वीनी ने साफ कहा कि मैंडेलसन की नियुक्ति गलत थी. इस फैसले से पार्टी और देश की राजनीति में भरोसे को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि यही सलाह उन्होंने खुद प्रधानमंत्री को दी थी. इसलिए इसकी पूरी जिम्मेदारी वो अपने ऊपर लेते हैं. इसी वजह से उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया है. ये मामला अब स्टार्मर सरकार के लिए अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक संकट बनकर सामने आया है.
मैकस्वीनी ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद सरकार से अलग होने का फैसला किया है. उन्होंने माना कि पीटर मैंडेलसन को राजदूत बनाना एक गंभीर चूक थी. इससे सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने ही प्रधानमंत्री को इस नियुक्ति के लिए प्रेरित किया था. इसलिए वे किसी और पर दोष नहीं डालना चाहते थे.
इस्तीफे से बढ़ गया है सरकार पर दबाव
उनके इस्तीफे के साथ ही सरकार पर दबाव और बढ़ गया है. विपक्ष और मीडिया लगातार सवाल उठा रहे हैं कि इतने विवादित व्यक्ति को अहम जिम्मेदारी कैसे दी गई. यह मामला अब केवल नियुक्ति तक सीमित नहीं रहा. यह भरोसे और राजनीतिक नैतिकता का मुद्दा बन गया है. इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब विदेश मंत्रालय ने पीटर मैंडेलसन को दिए गए सेवा समाप्ति भुगतान की समीक्षा शुरू कर दी है. पिछले साल सितंबर में स्टार्मर सरकार ने एपस्टीन से संबंधों के सामने आने के बाद मैंडेलसन को राजदूत पद से हटा दिया था. रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें केवल सात महीनों के कार्यकाल में लगभग 38 हजार से 55 हजार पाउंड तक का भुगतान मिला.
अब सरकार ये देख रही है कि यह भुगतान सही था या नहीं, इसी बीच अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों से बड़ा खुलासा हुआ है. इन दस्तावेजों में कहा गया है कि 2008 के आर्थिक संकट के दौरान, मंत्री रहते हुए मैंडेलसन ने एपस्टीन को ब्रिटेन सरकार की गोपनीय जानकारी दी थी. इसी मामले में अब उनके खिलाफ पुलिस जांच भी शुरू हो गई है.
विदेश कार्यालय ने कहा है कि नई जानकारी और चल रही जांच को देखते हुए भुगतान की औपचारिक समीक्षा की जा रही है. कैबिनेट मंत्री पैट मैकफैडेन पहले ही इस नियुक्ति को बड़ी गलती बता चुके हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री को अपने पद पर बने रहना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि एपस्टीन से रिश्तों की जानकारी होने के बावजूद मैंडेलसन ने खुद इस पद के लिए आगे बढ़ने का फैसला किया है. इसके लिए वही जिम्मेदार हैं.
प्रधानमंत्री से दूरी बना रहे हैं डिप्टी प्रधानमंत्री डेविड लैमी
उधर, संडे टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक डिप्टी प्रधानमंत्री डेविड लैमी इस मामले में प्रधानमंत्री से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं. उनके करीबी लोगों ने बताया कि वह पहले से ही इस नियुक्ति के खिलाफ थे. लेबर पार्टी ने करीब डेढ़ साल पहले भारी जीत के साथ सत्ता संभाली थी. लेकिन अब पार्टी की स्थिति कमजोर होती दिख रही है. नाइजल फराज की आप्रवासी विरोधी पार्टी रिफॉर्म यूके लगातार बढ़त बनाए हुए है. सरकार पर आव्रजन, आर्थिक हालात और महंगाई को लेकर दबाव बढ़ रहा है.
इसी बीच पीटर मैंडेलसन ने हाउस ऑफ लॉर्ड्स से भी इस्तीफा दे दिया है. वह उन कई नामचीन लोगों में शामिल हैं जिनका नाम हाल के एपस्टीन खुलासों में सामने आया है. गौरतलब है कि जेफरी एपस्टीन की साल 2019 में जेल में मौत हो गई थी. उस समय वह यौन तस्करी के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे थे. अमेरिकी अधिकारियों ने उनकी मौत को आत्महत्या बताया था.
