
Bangladeshi Hindu man Dipu Chandra Das beaten to death: बांग्लादेश के मैमनसिंह में दीपू चंद्र दास नाम के हिंदू युवक को कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला है. मौत के बाद शव को पेड़ से बांधकर आग लगा दी. यह घटना शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा के बीच हुई है. जिसके बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय में दहशत है. पुलिस जांच कर रही है. हिंदू नेता सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. इस घटना का वीडिया देखकर भारत के लोगों में भी गुस्सा फूट पड़ा है. देखें वीडियो.
In Mymensingh’s Bhaluka upazila, a young Hindu man named Dipu Chandra Das (30) was killed in a mob Lynching following the allegations that he made derogatory remarks about Islam and the Prophet Muhammad (PBUH). pic.twitter.com/rEjY96yGRy
— BRADDY (@braddy_Codie05) December 18, 2025
Add Zee News as a Preferred Source![]()
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले के भालुका में गुरुवार रात ये भयानक घटना हुई है. ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू वर्कर को पीट-पीटकर मार डाला गया. यह घटना भालुका के स्क्वायर मास्टर बारी इलाके के दुबलिया पारा में हुई. पीटने के बाद पुलिसवालों ने युवक की बॉडी काटकर पेड़ पर फेंक दी. भालुका पुलिस स्टेशन के ड्यूटी ऑफिसर रिपन मिया ने कहा बीबीसी बांग्ला से बातचीत में बताया है. मरने वाले की पहचान दीपू चंद्र दास के तौर पर हुई है. वह एक लोकल गारमेंट फैक्ट्री में काम करता था. वह उसी इलाके में किराए के मकान में रहता था.
ईशनिंदा के आरोप में मार डाला
कुछ लोगों ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया. बिना किसी सबूत या जांच के भीड़ ने उसे घेर लिया और डंडों से इतना पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई. क्रूरता की इंतेहा यह थी कि हमलावरों ने शव को पेड़ से बांधकर आग लगा दी. घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें भीड़ को जलते शव के आसपास देखा जा सकता है. यह घटना देश में चल रही अशांति के बीच हुई है. शरीफ उस्मान हादी नाम के एक युवा नेता की मौत के बाद पूरे बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसमें मीडिया ऑफिस और अवामी लीग से जुड़े ठिकानों पर हमले हो रहे हैं. यह घटना ऐसे समय हुई है जब बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देशव्यापी प्रदर्शन और हिंसा का दौर चल रहा है. कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें आ रही हैं. अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
This is how a Hindu, Dipu Chandra Das, was lynched, hanged, and burnt in Bangladesh last night. This is not just about Dipu Chandra Das in Bangladesh; it is also about Hargobindo Das and Chandan Das, who faced the same fate in West Bengal under Mamata. Whether in West Bengal… pic.twitter.com/IarvBfa71y
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) December 19, 2025
बंगाल बीजेपी ने जताया विरोध
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पश्चिम बंगाल इकाई ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. बीजेपी ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास को इसी तरह पीट-पीटकर, लटकाकर और जलाकर मार डाला गया. पार्टी ने इसका तुलना पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में अप्रैल 2025 में वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा से की, जहां पिता-पुत्र हरगोबिंद दास (72) और चंदन दास (40) को भीड़ ने कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला था. बीजेपी ने कहा, “ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल में हो या मुहम्मद यूनुस के बांग्लादेश में, हिंदू होने की वजह से ही उन्हें मारा गया.”बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हमले की घटनाएं पिछले कुछ समय से बढ़ी हैं.
A Hindu youth, Dipu Chandra Das, was brutally lynched by Islamists in Bangladesh over alleged blasphemy. After killing him, his body was hung from a tree and set on fire. This horrifying incident exposes the brutal reality of what happens when Islamic extremism goes unchecked and… pic.twitter.com/57ETUuaozo
— Amit Malviya (@amitmalviya) December 19, 2025
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे अल्पसंख्यकों पर हमले का उदाहरण बताया और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार की तुष्टिकरण नीति पर सवाल उठाए हैं.
#WATCH | Bangladesh: Visuals of the aftermath from Prothom Alo office in Dhaka, which was burned down by protesters last night. Firefighters are present at the spot.
After the death of Osman Hadi, a key leader in the protests against Sheikh Hasina, Bangladesh has erupted in… pic.twitter.com/GFkq5XdB57
— ANI (@ANI) December 19, 2025
ढाका में तांडव
ढाका में प्रोथोम अलो ऑफिस के बाहर का वीडियो, जब कल रात प्रदर्शनकारियों ने जला दिया था. फायरफाइटर्स मौके पर मौजूद हैं. शेख हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में एक प्रमुख नेता उस्मान हादी की मौत के बाद, बांग्लादेश में अशांति फैल गई है, और राजधानी ढाका में दो अखबारों के ऑफिस में आग लगा दी गई है. देश के दो बड़े अखबारों डेली स्टार और प्रोथोम अलो की इमारतों में आग लगा दी गई.
भारत विरोधी नारे
बांग्लादेश में इन दिनों बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों में भारत विरोधी नारे जोर-शोर से लगाए जा रहे हैं. यह सब छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद शुरू हुआ, जो खुद भारत-विरोधी बयानबाजी के लिए जाने जाते थे. एएनआई के अनुसार शरीफ उस्मान हादी की मौत की खबर फैलने के बाद प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने चट्टोग्राम में भारतीय असिस्टेंट हाई कमीशन के बाहर धरना दिया. इन लोगों ने हादी की हत्या के विरोध में नारे लगाए. साथ ही “भारतीय आक्रामकता को खत्म करो!”, “लीग (अवामी लीग) से जुड़े लोगों को पकड़ो और मार डालो!” जैसे अवामी लीग और भारत विरोधी नारे भी लगाए. बाद में पुलिस अधिकारियों ने दखल दिया और प्रदर्शनकारियों को परिसर से पीछे धकेल दिया.
