Chinese Rocket Launcher System Explodes in Cambodia: चीन भले ही खुद को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक और सैन्य महाशक्ति कहता हो लेकिन सच ये है कि उसके बनाए सामानों की गुणवत्ता पर आज भी दुनिया को भरोसा नहीं है. उसके सामानों के बारे में कहा जाता है कि चल जाए तो चांद तक और न चले तो रात तक. अब यह कहावत एक बार फिर दुनिया के सामने सही साबित हो गई है. सोशल मीडिया पर वायरल खबर के मुताबिक, कंबोडिया-थाईलैंड के बीच जारी जंग में रॉकेटों की बरसात करते वक्त चीन का बनाया लॉन्चर खुद ही फट गया. इस घटना में कंबोडिया के 8 सैनिकों के मारे जाने की खबर है. सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो खूब वायरल हो रहा है और लोग चीनी सामानों की खिल्ली उड़ा रहे हैं. जी न्यूज इस खबर की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.

थाईलैंड-कंबोडिया में फिर से भड़की है जंग

नेटवर्क 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, फिर से भड़की जंग में कंबोडिया और थाईलैंड एक से बढ़कर एक खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. कंबोडिया ने भी थाईलैंड को सबक सिखाने के लिए चीन से मंगाया M270 मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) यूज करने का फैसला किया. यह भारत के पिनाका की तरह का रॉकेट सिस्टम है. जिसके बारे में चीन का दावा है कि वह एक मिनट में 44 रॉकेट फायर कर दुश्मन की धज्जियां उड़ा सकता है. 

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जंग में धोखा दे गया चीनी कबाड़ हथियार

चीन के दिए इसी भरोसे के बल पर कंबोडिया की सेना ने बॉर्डर पर इस सिस्टम को तैनात कर थाईलैंड पर फायर करना शुरू किया. कुछ ही सेकंड में सांय-सांय करके कई रॉकेट तेजी से निकले. तभी एक रॉकेट देसी कट्टे की तरह लॉन्चर के अंदर फंस गया और तेज धमाके के साथ वहीं पर फट गया. कहा जा रहा है कि इस घटना में कंबोडिया के 8 सैनिकों की मौत हो गई.

दुनियाभर में चीन की हो रही जगहंसाई

चीनी रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के फटने की यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. जिससे चीन के लिए एक बार फिर दुनियाभर में शर्मिंदगी वाली स्थिति पैदा हो गई है. लोग सोशल मीडिया पर चीन का जमकर मजाक उड़ा रहे हैं. 

इंटरनेट यूजर चीन माल पर कस रहे तंज

एक यूजर ने लिखा कि चीनी हथियार इस्तेमाल करके पहले पाकिस्तानी सेना भारत के हाथों बुरी तरह पिटी थी. अब कंबोडिया ने भी इसका स्वाद ले लिया है. वहीं एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा कि जो काम थाईलैंड की सेना नहीं कर पाई, वह अपना डंप माल बेचकर चीन ने कंबोडिया के साथ कर दिया.हालांकि इस घटना पर कंबोडियाई सेना या चीन ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.