Russia Kamchatka Heavy Snowfall News: भारत में इन दिनों ठंड अपने पूरे शबाब पर है. कहीं कोहरा छाया है तो कहीं शीतलहर से लोग कांप रहे हैं. हाड़ गला देने वाली ठंड की वजह से लोगों का रजाई छोड़कर बाहर निकलने का मन नहीं हो रहा. लेकिन अगर कोई भारत की ठंड की तुलना रूस के कामचटका इलाके से कर ले, तो हमारी सर्दी बहुत मामूली लगने लगेगी. रूस के इस हिस्से में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोग इसे अब ‘स्नो एपोकैलिप्स’ यानी बर्फ़ की तबाही कहने लगे हैं.

सहयोगी वेबसाइट WION की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कामचटका प्रायद्वीप में हाल ही में रिकॉर्ड तोड़ बर्फ़बारी हुई है. वहां पर बर्फ इतनी ज्यादा गिरी कि पूरा शहर ही बर्फ की चादर में दबा नजर आता है. कई इलाकों में बर्फ इमारतों की दूसरी मंजिल तक पहुँच गई. लोग सड़कों पर चलने के बजाय बर्फ को खोदकर रास्ता बना रहे हैं.

8-10 फुट गहरी बर्फ में दबी गाड़ियां

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि गाड़ियां 8-10 फुट गहरी बर्फ में दब चुकी हैं. चारों ओर बर्फ ही बर्फ नजर आ रही है और सड़कें गायब हो चुकी हैं. हर तरफ बस सफेदी दिख रही है. हालात इतने गंभीर हो गए कि प्रशासन को आपात स्थिति घोषित करनी पड़ी.

इस भयानक बर्फबारी के साइड इफेक्ट्स भी नजर आ रहे हैं. इमारतों की छतों से गिरी भारी बर्फ़ की वजह से दो लोगों की मौत हो गई. कामचटका की राजधानी पेट्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की के मेयर येवगेनी बेल्यायेव ने कहा कि छतों से गिरती बर्फ सख्त हो जाती है. जिसके चलते यह भारी पत्थर की तरह अचानक नीचे गिरकर जानलेवा बन जाती है. इन हादसों को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर आपातकाल घोषित किया गया है. 

स्कूल बंद, दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम लागू

लगातार बर्फ़ गिरने से कामचटका प्रायद्वीप में जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है. भारी स्नोफॉल की वजह से लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं. हालात को देखते हुए स्कूलों को बंद कर दिया गया है. साथ ही दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया गया है. हालात ऐसे हैं कि दुकानों में दूध, ब्रेड और अंडों जैसी जरूरी चीज़ों की भी कमी होने लगी है.

हालात से निपटने के लिए प्रशासन अपनी ओर से कोशिश कर रहा है. लेकिन बर्फ इतनी ज्यादा है कि उसे हटाने में सरकारी कर्मी भी खुद को असहाय पा रहे हैं. इसकी वजह से अब लोग खुद ही बेलचा लेकर अपने घरों के आसपास से बर्फ हटाने में जुटे हैं. साथ ही कई-कई फुट बर्फ में दब गई गाड़ियों को भी निकालने के प्रयास में भी लगे हैं. 

छतों से बर्फ न हटाने के लिए कंपनियों को नोटिस

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह समस्या अस्थाई है. जल्द ही मु्ख्य रास्तों से बर्फ हटाकर सड़कें चालू कर दी जाएंगी. उन्होंने दावा किया कि सड़कों की सफाई के साथ-साथ सप्लाई धीरे-धीरे बहाल की जा रही है. इसके साथ ही भवन प्रबंधन कंपनियों को छतों से बर्फ न हटाने के लिए नोटिस भेजकर फटकार भी लगाई जा रही है.

कुल मिलाकर ये समझ लीजिए कि जहां भारत में ठंड का मतलब चाय, रजाई और हीटर होता है. वहीं रूस के कामचटका में ठंड जिंदगी को रोक देने वाली आफत बन चुकी है. जिससे निपटने के लिए वहां के हजारों लोग जद्दोजहद कर रहे हैं. साथ ही प्रभु से प्रार्थना कर रहे हैं कि भयानक ठंड का यह दौर जल्दी से जल्दी गुजर जाए.