
मो. गुरफान/प्रयागराज: यूपी की बांदा जेल में बंद, मऊ सदर के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की मुश्किलें अब और बढ़ेंगी. फर्जी नाम पते पर लिए गए असलहे में की गई पैरवी के मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी की पत्रावली को प्रयागराज के एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट ट्रांसफर किया गया है. मुकदमे की पत्रावली ट्रांसफर होने से मुकद्मे की सुनवाई में तेजी आएगी.
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एमपी-एमएलए कोर्ट भेजी गई मुकदमे की पत्रावली
सरकारी अधिवक्ता ने मुकदमे को स्पेशल कोर्ट ट्रांसफर करने की मांग की थी. मऊ सीजेएम कोर्ट ने मुकदमे की पत्रावली एमपी-एमएलए कोर्ट ट्रांसफर करने का आदेश दिया था. विशेष मैसेंजर के जरिए बुधवार को मुकदमे की पत्रावली, प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट भेजी गई. सात जून को प्रयागराज की एमपी-एमएलए मामले की अगली सुनवाई होगी.
आयुध अधिनियम व जालसाजी सहित अन्य धाराओं में दर्ज हुआ था मुकदमा
बता दें कि मऊ के दक्षिण टोला थाने में जनवरी 2020 में मुकदमा दर्ज हुआ था. आयुध अधिनियम व जालसाजी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था. माफिया मुख्तार अंसारी सहित 7 व्यक्तियों को मुकदमे में आरोपी बनाया गया था.
फर्जी पाए गए थे कागजात
मुख्तार पर अपने विधायक लेटर पैड पर शस्त्रों के लाइसेंस के लिए पैरवी करने का आरोप है. जिन लोगों के लिए मुख्तार ने अपने लेटर पैड पर पैरवी की थी जांच में उनके कागजात फर्जी पाए गए थे. पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद मुकदमे में मुख्तार सहित 5 के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी.
सीजेएम कोर्ट में पेशी के दौरान मुख्तार ने की थी शिकायत
बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की सोमवार को बांदा जेल से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से प्रभारी सीजेएम की कोर्ट में पेशी हुई थी. इस दौरान मुख्तार अंसारी ने अदालत से कहा कि डाक्टरों की सलाह के बावजूद जेल प्रशासन फिजियो थिरेपी नहीं करा रहा है. जबकि उसके कमर व रीढ़ में हमेशा दर्द रहता है. इस पर अदालत ने जेल अधीक्षक बांदा को चिकित्सकों के निर्देशानुसार फिजियोथेरेपी कराने का निर्देश दिया.
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