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Jai Veeru duo retires from cricket: ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम के स्टार ओपनर उस्मान ख्वाजा ने 2 जनवरी 2026 को बड़ा ऐलान किया. उन्होंने साफ कर दिया कि 4 जनवरी से शुरू होने वाला सिडनी टेस्ट उनके करियर का आखिरी मैच होगा. जिस सिडनी मैदान पर ख्वाजा आखिरी बार उतरेंगे, उसी मैदान पर उनके जिगरी दोस्त डेविड वॉर्नर ने 2024 में अपने करियर का आखिरी मैच खेला था. दोनों बचपन के दोस्त हैं, इसलिए उन्हें क्रिकेट की दुनिया में जय-वीरू की जोड़ी भी कहा जाता है. अब ख्वाजा के संन्यास के बाद ये जोड़ी ऑस्ट्रेलिया के लिए कभी भी एक साथ मैदान पर नहीं दिखेगी.

डेविड वॉर्नर और उस्मान ख्वाजा की दोस्ती दशकों पुरानी है, जो बचपन से चली आ रही है और ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए ओपनिंग करते हुए परवान चढ़ी है. दोनों कई साल तक ऑस्ट्रेलिया के लिए खेले. दोनों ने अलग-अलग दौर में टीम के लिए ओपनिंग बल्लेबाज की भूमिका निभाई है. टेस्ट और वनडे क्रिकेट में कई बार दोनों एक ही टीम का हिस्सा रह चुके हैं. जब वॉर्नर बॉल टैंपरिंग विवाद में फंसे थे, तो दोस्त ख्वाजा ने उन्हें सपोर्ट किया था. वहीं वॉर्नर भी ख्वाजा की बल्लेबाजी और संघर्ष की कहानी की खुलकर तारीफ करते रहे हैं. इन दोनों की दोस्ती की मिसाल दी जाती है. दोनों को ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में जय-वीरू की जोड़ी के तौर पर पहचान मिली है. दोनों जिगरी हैं.

दोनों ने मिलकर ठोके 42 टेस्ट शतक

डेविड वॉर्नर ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 112 टेस्ट में 26 शतकों के दम पर 8786 रन बनाए थे, जबकि उस्मान ख्वाजा ने 87 टेस्ट में 16 सेंचुरी के साथ कुल 6206 रन बनाए. दोनों के शतकों की संख्या जोड़ लें तो 42 होती है. ये दोनों ही बाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाज कई साल तक एक साथ ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट खेले हैं. वॉर्नर जहां खूंखार बल्लेबाज रहे, तो वहीं ख्वाजा को खब्बू बैटर के तौर पर पहचान मिली. दोनों की खासियत यह थी कि टेस्ट में बड़ी पारियां खेलते थे. कभी भी अपना विकेट आसानी से नहीं देते थे. जब तक क्रीज पर रहे, विरोधी टीमें दबाव में रहीं.

एक ही मैदान पर आखिरी टेस्ट

डेविड वॉर्नर और उस्मान ख्वाजा के टेस्ट करियर की खास बात यह रही कि दोनों ने एक ही मैदान पर अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला. यह मैदान सिडनी का है, जहां डेविड वॉर्नर 2024 में आखिरी टेस्ट खेलने उतरे थे और अब उसी मैदान पर ख्वाजा अपने टेस्ट करियर का आखिरी मैच खेलने जा रहे हैं. मतलब यह कि उन्होंने अपने बचपन के दोस्त डेविड वॉर्नर की राह पर चलते हुए सिडनी के मैदान पर करियर का आखिरी इंटरनेशनल मैच खेलने का फैसला किया.

वॉर्नर ने आखिरी टेस्ट के बाद ख्वाजा की मां को लगाया था गले

जब 2024 में डेविड वॉर्नर ने सिडनी में आखिरी टेस्ट खेला था, तब जीत के बाद उन्होंने ख्वाजा की मां को गले लगाया था. वह मैच पाकिस्तान के खिलाफ था. मां को गले लगाने को लेकर ख्वाजा ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि मेरी मां वॉर्नर को शैतान बुलाती हैं. उन्होंने बताया था कि वॉर्नर मेरी मां को तब से जानते हैं, जब से वह मुझे जानते हैं. मेरी मां उन्हें प्यार करती हैं. वह उन्हें शैतान बुलाती हैं. मेरी मां को यह बात अच्छी लगी कि वह शैतान थे और उनके बेटे नहीं थे, ताकि वह उन्हें उनके माता-पिता के पास वापस भेज सकें.

यह कहना गलत नहीं होगा कि वॉर्नर के लिए ख्वाजा की मां कोई अन्य फैन की तरह नहीं थीं, बल्कि वह उनके लिए एक सपोर्ट पिलर थीं, जो वॉर्नर के पूरे सफर की गवाह थीं और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी रहीं.

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