Trump ivows to rescue Iran protesters: ईरान में कट्टरपंथी इस्लामिक नेता खामनेई की लंका जलाने के लिए लाखों की तादाद में जेन जी का सरकार विरोधी प्रदर्शन हर बीतते दिन के साथ तेज हो रहा है. इन जोशीले युवाओं का आक्रोश दबाने यानी प्रदर्शन कुचलने के लिए खामनेई प्रशासन दमनकारी नीतीयां अपना रहा है. इस घटनाक्रम को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान समेत देशभर में जारी प्रदर्शनों के बीच ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए प्रदर्शनकारियों को बचाने का वादा किया है. ट्रंप ने शुक्रवार सुबह ईरान को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या करवाने जैसी कार्रवाई से दूर रहने की चेतावनी देते हुए दावा किया कि अमेरिका उनकी मदद के लिए जरूर आएगा.

‘अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा’

ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा, ‘हम तैयार हैं और अमेरिकी फौज वहां जाने और लड़ने के लिए रेडी है, अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उन्हें हिंसक रूप से मारता है, जो उनकी पुरानी आदत है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा’.

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ईरान में ‘सविनय अवज्ञा’ आंदोलन, अबतक 7 की मौत

ट्रंप का बयान तब आया जब ईरान में खराब अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों में कम से कम सात लोगोंं की मौत हो चुकी है. साल 2022 के बाद देश में 2025 के अब इतने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं. आज शुक्रवार को छठा दिन है.  ये विरोध प्रदर्शन रविवार को तेहरान के प्रमुख बाजारों में शुरू हुए जब ईरानी मुद्रा रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गयी. इसका असर ये हुआ कि ईरान में लिविंग कॉस्ट यानी रहने-खाने की लागत अचानक बढ़ गई. 

‘खामनेई मुर्दाबाद’

वीडियो में प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों से भिड़ंत के दौरान ‘तानाशाह की मौत हो’ जैसे नारे लगाते हुए खामेनेई की मौत की सामूहिक दुआएं मांग रहे हैं. न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन की कमान युवाओं के साथ-साथ शहर के व्यापारियों ने संभाली है जिनमें से कुछ लोग खुलकर और तो कुछ लोग चुपके से आंदोलनकारियों की मदद कर रहे हैं. यही वजह है कि राजधानी तेहरान से शुरु हुए प्रदर्शन देश भर में तेजी से फैल गए.