
उप राष्ट्रपति सचिवालय

उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को देश की सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सेवा करने के लिए बधाई दी
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और ‘राष्ट्र प्रथम’ के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना कीउपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी की अथक सेवा की प्रशंसा करते हुए उन्हें समकालीन भारत का ‘युगपुरुष’ बताया
प्रविष्टि तिथि: 10 JUN 2026 12:30PM by PIB Delhi
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सेवा करने के लिए बधाई दी।
उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर अपने एक संदेश में इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, जो प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा में एक परिवर्तनकारी युग का संकेत है।
Heartiest congratulations to Hon’ble Prime Minister Shriman Narendra Modi Ji on becoming Bharat’s longest continuously serving elected Prime Minister.
This historic milestone is not merely a measure of time in office, but a reflection of a transformative era in our national…
— Vice-President of India (@VPIndia) June 10, 2026
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने आर्थिक विकास, अवसंरचना विस्तार, सामाजिक सशक्तिकरण और तकनीकी उन्नति सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति देखी है। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ी हुई वैश्विक प्रतिष्ठा और सभ्यतागत आत्मविश्वास इस कालखंड की प्रमुख विशेषताएं बनकर उभरी हैं।
श्री सीपी राधाकृष्णन ने समावेशी विकास के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता पर बात करते हुए कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबीरेखा से बाहर निकालकर उन्होंने लाखों परिवारों को आशा, अवसर और सम्मान प्रदान किया।
उपराष्ट्रपति ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भूले-बिसरे नायकों को सम्मानित करके, भारत की विविध परंपराओं और भाषाओं को बढ़ावा देकर, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करके तथा औपनिवेशिक मानसिकता को त्यागकर राष्ट्रीय गौरव और सभ्यतागत चेतना को मजबूत किया है।
उपराष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तमिल वाक्यांश “याधुम ऊरे, यावरुम केलिर” (हर जगह हमारा घर है, हर कोई हमारा रिश्तेदार है) के आह्वान का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत के शाश्वत लोकाचार “वसुधैव कुटुंबकम” और सार्वभौमिक भाईचारे एवं मानव एकता के स्थायी संदेश की पुष्टि करता है।
उपराष्ट्रपति ने भारत की सभ्यतागत एकता और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा की गई कई पहलों पर प्रकाश डाला, जिनमें काशी तमिल संगमम, सौराष्ट्र तमिल संगमम, नए संसद भवन में पवित्र सेंगोल की स्थापना, चोलों की विरासत को सम्मान देने के लिए गंगईकोंडा चोलपुरम की उनकी यात्रा और विदेशों से अमूल्य कलाकृतियों एवं प्राचीन वस्तुओं की वापसी शामिल हैं।
श्री सीपी राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री मोदी को एक ऐसे नेता के रूप में रेखांकित किया, जिन्होंने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, अथक सेवा और ‘राष्ट्र प्रथम’ के आदर्श के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के माध्यम से राष्ट्र की क्षमताओं और आकांक्षाओं में विश्वास को पुनर्जीवित किया है। उन्होंने कहा कि वे समकालीन भारत के सच्चे ‘युगपुरुष’ के रूप में उभरे हैं।
उपराष्ट्रपति ने देश के “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य की ओर अग्रसर होने के साथ कहा कि प्रधानमंत्री का नेतृत्व लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत और देश की प्रगति में मार्गदर्शक शक्ति बना हुआ है।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को राष्ट्र की सेवा जारी रखने के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
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