
उप राष्ट्रपति सचिवालय

उप-राष्ट्रपति ने ‘मल्हार 2026’ का उद्घाटन किया, भारत की समृद्ध शास्त्रीय संगीत विरासत का जश्न मनाया
‘मल्हार’ युवाओं को भारत की सदाबहार संगीत परंपराओं से जोड़ता है: उप-राष्ट्रपतिसंगीत भारत की विविधता और साझा भावना को दर्शाता है: उप-राष्ट्रपति
युवाओं को भारत की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षक और राजदूत बनना चाहिए: उप-राष्ट्रपति
प्रविष्टि तिथि: 21 AUG 2026 8:55PM by PIB Delhi
उप–राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली में ‘अंतर हृदय कनेक्ट‘ द्वारा आयोजित ‘मल्हार 2026′ का उद्घाटन किया। यह भारतीय शास्त्रीय संगीत का एक युवा–केंद्रित और मॉनसून–थीम वाला उत्सव है।
Vice President Shri C. P. Radhakrishnan, inaugurated ‘MALHAR 2026’, a youth-centric, monsoon-themed celebration of Indian classical music by Antar Hriday Connect, in New Delhi today.
The Vice President noted that the Malhar family of ragas is traditionally associated with the… pic.twitter.com/yMHWR3SH4u
— Vice-President of India (@VPIndia) August 21, 2026
Addressing the gathering, the Vice President appreciated Antar Hriday Connect for creating opportunities for young people to experience and engage with India’s rich classical music heritage, particularly through free classical music concerts.
Vice President Shri C. P. Radhakrishnan presented the Antar Hriday Cultural Diplomacy Award to Shri Saurav Sharma (Nepal). He also felicitated eminent artists Pt. Ulhas Kashalkar and Pt. Rajendra Gangani for their outstanding contributions to Indian culture and the arts during… pic.twitter.com/VSvElCQLQh
— Vice-President of India (@VPIndia) August 21, 2026
The Vice President said that across Bharat, every region has its own musical traditions, sounds and styles, yet music remains one of the strongest threads connecting the country. He described India’s cultural diversity as “many musical traditions, one shared spirit; many voices, one Bharat.”
सभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने ‘अंतर हृदय कनेक्ट‘ की सराहना की। उन्होंने युवाओं के लिए भारत की समृद्ध शास्त्रीय संगीत विरासत का अनुभव करने और उससे जुड़ने के अवसर पैदा करने, खासकर मुफ्त शास्त्रीय संगीत कार्यक्रमों के माध्यम से, उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि पूरे भारत में हर क्षेत्र की अपनी संगीत परंपराएं, ध्वनियां और शैलियां हैं, फिर भी संगीत देश को जोड़ने वाली सबसे मजबूत कड़ियों में से एक है। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विविधता का वर्णन इस तरह किया: “कई संगीत परंपराएं, एक साझा भावना; कई आवाजें, एक भारत।“
उन्होंने बताया कि मल्हार रागों का परिवार पारंपरिक रूप से मॉनसून से जुड़ा है और ‘मल्हार‘ को नई शुरुआत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि संगीत में इंसानी मन को तरोताज़ा करने, कल्पनाशीलता जगाने और उम्मीद की किरण दिखाने की ताकत होती है।
उपराष्ट्रपति ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत की शास्त्रीय संगीत परंपरा एक जीवंत परंपरा बनी हुई है क्योंकि इसमें लगातार बदलाव और विकास होता रहा है। उन्होंने युवाओं से भारत की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षक और राजदूत बनने का आग्रह किया और उन्हें देश के शास्त्रीय संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं को दुनिया भर के समुदायों तक ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने संगीत को भारत की ‘सॉफ्ट पावर‘ (सांस्कृतिक प्रभाव) के सबसे बड़े रूपों में से एक बताया, जो भाषा और सीमाओं से परे जाकर दोस्ती, आपसी समझ और सद्भावना को बढ़ावा देने की क्षमता रखता है।
उपराष्ट्रपति ने ‘मल्हार‘ से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह आयोजन एक नियमित संगीतमय यात्रा बन जाएगा, जो हर मॉनसून में और ज़्यादा ऊर्जा, व्यापक भागीदारी और भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति बढ़ते प्यार के साथ वापस आएगा।
इस मौके पर राज्यसभा सांसद और ‘अंतर हृदय‘ के मुख्य संरक्षक श्री हर्षवर्धन श्रृंगला; आईटीसी (ITC) में कॉर्पोरेट मामलों के अध्यक्ष श्री अनिल राजपूत; गैलेक्सी और स्वासदी ग्रुप के चेयरमैन श्री प्रदीप कुमार; और भारत के लिए ‘अंतर हृदय‘ के युवा सांस्कृतिक राजदूत श्री सौरव शर्मा समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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पीके /केसी / एनएम
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