
Bokaro: बैंककर्मी के मुंह में ऑक्सीजन का मास्क लगाकर सेक्टर-4 पंजाब नेशनल बैंक पहुंचने के मामले को लेकर प्रबंधक का बयान सामने आया है. बैंक के प्रबंधक राजेश अरोड़ा का कहना है कि अरविंद कुमार के द्वारा लगाया गया आरोप बेबुनियाद है. वो बैंक में रिकवरी सेक्शन के मैनेजर हैं और उनका इस तरह का आरोप लगाना गलत है.
उन्होंने आगे कहा कि बैंक को बदनाम करने की कोशिश है. हम लोगों ने उन्हें जोर जबरदस्ती करके काम पर नहीं बुलाया था. वो खुद ड्रामा करने आए थे. हमने उनकी सैलरी भी नहीं रोकी है और ना ही कुछ दबाव बनाया है. उन्होंने खुद बैंक से एक करोड़ रुपये का लोन लिया है. जिस पर एनपीए भी हो चुका है .लोन की रिकवरी को लेकर बैंक ने इंक्वायरी भी बैठाई है क्योंकि वह करीब 2 साल से बैंक नहीं आ रहे थे और ना ही पैसे का चुकता कर रहे थे.
सैलरी को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें एडवांस के तौर पर 50 हजार रूपए भी दिए हैं. उन्होंने एक साजिश के तहत यह वीडियो बनाया है.बैंक को तो उनके बीमार होने की जानकारी तक नहीं है. उनका इस्तीफा भी नहीं लिया गया क्योंकि उन पर लोन बकाया है और बैंक के तरफ से इंक्वायरी पहले से हो रही है.
बैंक के अधिकारी का कहना है कि पहले भी यह हंगामा करते रहे हैं. अगर वो बीमार थे तो उन्होंने बैंक के गाइडलाइन को भी तोड़ा है. उन्होंने बीमारी की जानकारी किसी को नहीं नहीं दी है. बैंक आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारी से परामर्श कर रही है.
बता दें कि बोकारो के पीएनबी सेक्टर 4 शाखा बैंक में काम करने वाले बैंक कर्मी अरविंद कुमार अपने ही बैंक में पिछले दिनों ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर अपने परिवार के साथ बैंक पहुंच गए थे. जिसका वीडियो खूब वायरल हुआ था. जिसके बाद बैंक की तरफ इसे को लेकर अपना बयान दिया था.
इस दौरान उन्होंने कहा था कि वो बैंक के डिफॉल्टर है. वो काफी समय से EMI भी नहीं दें रहे हैं. बैंक की छवि को खराब करने के लिए वो ऐसा कदम उठा रहे हैं.
इस मामले पर बैंककर्मी और पंजाब नेशनल बैंक के लोन डिपार्टमेंट के बैंक मैनेजर अरविंद कुमार का कहना है कि जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वो झूठ हैं. उन्होंने कहा कि हमने बैंक से लोन लिया है, लेकिन उसका चुकता भी हम अपने परिजनों से पैसे लेकर कर रहे हैं.
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बैंक में जाने को लेकर उन्होंने कहा कि पिछल दो सालों से वो लगातार अवसाद से ग्रसित थे. जिस वजह वो बैंक नहीं जा रह थे. हम लगातार लोन को चुका रहें हैं और हमें वहां बैठी इंक्वायरी को लेकर कोई भी जानकारी नहीं दी है.
(इनपुट: मृत्युंजय मिश्रा)
