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Abbas Ansari: माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) का बेटा अब्बास अंसारी का अभी तक कुछ सुराख नहीं मिला है. पुलिस को उसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं मिल रही है. पुलिस की कई सारी टीमें अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं. अब पुलिस की 8 और टीमें बनाई गई हैं, जो विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही हैं. जानकारी के अनुसार, अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश के अलावा नई दिल्ली, राजस्थान, हैदराबाद, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, पंजाब, छत्तीसगढ़ और गोवा में पुलिस की छापेमारी चल रही है.

अब्बास अंसारी ने इस बार मऊ सीट से सुभासपा के टिकट पर विधायक का चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी. उसके खिलाफ धोखाधड़ी से असलहे का लाइसेंस ट्रांसफर करने का मामला दर्ज है. इस मामले में अब्बास कोर्ट की पेशी में नहीं जा रहा था, जिसकी वजह से लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट से उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. इसके बाद अब्बास की तलाश में पुलिस ने लखनऊ के साथ ही गाजीपुर, मऊ और दिल्ली के 21 ठिकानों पर कई बार दबिश दी, लेकिन हमेशा उनके हाथ खाली ही रहे. डीसीपी उत्तरी अनिल यादव ने बताया कि अब्बास की लोकेशन पिछले कुछ समय में देश भर के विभिन्न राज्यों में मिली थी, जिसके बाद उसकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई.

25 अगस्त तक का है समय
एमपी-एमएलए कोर्ट ने अब्बास अंसारी को अदालत में पेश करने के लिए 25 अगस्त तक का समय दिया था. उसके खिलाफ कई बार समन जारी हो चुके हैं. इसके अलावा, कोर्ट ने तीन बार उसकी गिरफ्तार का समय भी बढ़ाया है. अब्बास के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है. लेकिन इसके बाद भी अब्बास अब तक कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ.

2019 में दर्ज हुआ था केस
सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी के खिलाफ 2019 में महानगर के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने केस दर्ज कराया था. अब्बास पर आरोप था कि उसने असलहे का लाइसेंस लिया था, जिसका दुरुपयोग करते हुए एक ही लाइसेंस पर कई हथियार खरीदे. 2012 में हासिल इस लाइसेंस को बिना एनओसी के ही दिल्ली ट्रांसफर करा लिया. इसके अलावा, अब्बास के खिलाफ लखनऊ में दो, मऊ में चार व गाजीपुर में एक केस दर्ज है.