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मंदसौर: मध्यप्रदेश के मंदसौर में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए नित नए प्रयोग किए जा रहे हैं. ज़िला चिकित्सालय में कोराना मरीजों की ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए फिजियोथेरेपी भी शुरू की गई.

बढ़ता है ऑक्सीजन लेवल
दूसरी लहर से पूरा देश महामारी की भयावहता से जूझता चला आ रहा है. अधिकांश कोरोना से मौत मामले में कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन की कमी एक बड़ी वजह रही है. आज भी ऑक्सीजन को लेकर स्थिति उतनी अच्छी नहीं है. जितना की सरकार दावे कर रही है. जबकि कोरोना प्रभावित मरीज के ऑक्सीजन लेवल कम होने के बाद उसे तत्काल ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है ताकि मरीज की जान बच सकें.
हालांकि देश में बढ़ते कोरोना को लेकर सरकार प्रशासन और समाजसेवियों की मदद से ऑक्सीजन संसाधन जुटाए जा रहे हैं. वहीं चिकित्सक भी कोरोना मरीजों में होने वाली ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के उपाय बता रहे है. फिजियोथेरेपी से भी कोरोना मरीजों में ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने और कोरोना इलाज के दौरान दवाओं के उपयोग से आने वाली कमजोरी को दूर करने का दावा फिजियोथेरेपिस्ट दावा कर रहे हैं.

ट्रीटमेंट है थेरेपी
दर्द से छुटकारा पाने के लिए दवा लेना ही काफी नहीं होता. इसके अलावा भी कई थेरेपियां हैं जो बिना दवा के भी आपको दर्द से मुक्ति दिला सकती हैं. फिजियोथेरेपी ऐसी ही एक थेरेपी है. फिजियोथेरेपी को फिजिक्स ट्रीटमेंट भी कहते हैं.

फिजियोथेरेपी से लाभ
शारीरिक समस्याओं को नियंत्रित करने और उन्हें रोकने में फिजियोथेरेपी के उपयोग के कई लाभ हैं. जैसे-
दर्द बिल्कुल कम या ख़त्म हो जाता है.
मांसपेशियों का लचीलापन और शक्ति पुन: स्थापित हो जाती है.
जोड़ों का लचीलापन बढ़ता है और उनकी गति सामान्य हो जाती है.
शरीर की ऊर्जा और सहनशीलता भी बढ़ती है.
मानसिक शांति बढ़ाने में शारीरिक सक्रियता और दर्द से राहत देने में यह थेरेपी कारगर होती है.
मांसपेशियों का संतुलन और समन्वय बढ़ता है.
शारीरिक सक्रियता बढ़ जाती है.

अच्छी बात ये है कि पीठ और सीने को थपथपा कर दी जाने वाली इस थेरेपी के सकारात्मक रिजल्ट भी आए हैं. और मरीजों के ऑक्सीज़न लेवल में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है. यह फिजियोथेरेपी लगातार कोराना मरीजों के लिए जारी रहेगी.

 मंदसौर कलेक्टर मनोज पुष्प ने बताया कि लंग फिजियो थेरेपी के रिजल्ट अच्छे है और हमने और भी फिजियोथेरेपिस्ट से संपर्क किया है ताकि जिन्हें भी जरूरत हो उन्हें ये थेरेपी दी जा सके. हालांकि ज़िला चिकित्सालय जीएनएम सेंटर और पॉलिटेक्निकल में  जिन मरीजों की स्थिति फिजियोथेरेपी लेने जैसी है उन्हें थेरेपी दी गई है.

साथ ही डॉक्टर ने कहा कि हमारा प्रयास है कि मरीजों को लगातार ऑक्सीज़न सपोर्ट पर ना रहने दिया जाए. उनके फेफड़ों को सामान्य स्थिति में लाने का प्रयास करते हैं. इसी कड़ी में हमने फिजियोथेरेपी शुरू की है. ताकि मरीजों की मनोस्थिति में बदलाव हो सके और उनके फेफड़े भी धीरे-धीरे सामान्य हो सके.

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