
Patna: लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से प्रदेश में कोरोना (Corona) संक्रमण की रफ्तार पर अब ब्रेक लग रहा है. पिछले 24 घंटों में प्रदेश में महज 920 नए मामले सामने आए हैं. साथ ही पटना जिला में 87 नए केस सामने आए हैं और रिकवरी रेट 98 फीसदी तक पहुंच गया है.
वहीं, दो महीने पहले प्रदेश में एक दिन में 15 हजार से ऊपर मामले सामने आ रहे थे. लेकिन 5 मई को जब प्रदेश में लॉकडाउन लगा तो फिर उसके बेहतर परिणाम सामने आए है.
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मामले कम होते ही लापरवाह हो रहे हैं लोग
रिकवरी रेट बेहतर परिणाम आने के बाद सरकार ने भी पाबंदियों में थोड़ी रियायत दी. लेकिन सरकार की इन्हीं रियोयतों का लोग फायदा भी उठाने लगे हैं. इसके साथ ही पुलिस और प्रशासन की लापरवाही भी देखने को मिल रही है. भले ही सरकार ने दोपहर 2 बजे तक दुकानों को खोलने की परमिशन दी हो. लेकिन दुकानें नियत समय से ज्यादा देर तक खुल रही हैं.
बाजारों में भीड़ तय मानक से ज्यादा की तादाद में जुटने लगी है. यहां मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर फिर लापरवाही देखने को मिल रही है. वहीं, राजधानी पटना में लोग सभी नियमों को धता बताकर मनमानी कर रहे हैं.
सार्वजनिक स्थल पर टूट रही नियमों की धज्जियां
पटना जंक्शन प्लेटफॉर्म पर लोगों को ना तो सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सजग है और ना ही मास्क को लेकर लोग गंभीर है. साथ ही एक दूसरे से लोग सट कर बैठे हुए है. इधर, रेलवे प्रशासन ने खानापूर्ति के नाम पर भले ही जवानों को तैनात किया गया हो. लेकिन पुलिस के जवानों को गप्पे लड़ाने में व्यस्त देखा गया है.
सब्जी बाग और हथुआ मार्केट इलाके में भी लोग ना तो सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर गंभीर है और ना मास्क को लेकर कोई जागरूक दिख रहा है. वहीं, यहां पर भी पुलिस अपनी जिप्सी में आराम फरमा रही है.
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पटना के NIT घाट पर लॉकडाउन के बावजूद बड़ी संख्या में यहां लोग बेवजह घूमने पहुंच रहे है. साथ ही 70 फीसदी लोगों ने मास्क नहीं लगाया है. इनमें ज्यादातर संख्या उन युवाओं की थी जो घाट पर मटरगश्ती करने पहुंचे. वहीं, सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि इस घाट की दूरी जिला प्रशासन के कार्यालय से महज 2 किलोमीटर है और यहां इस तरह की लापरवाही देखने को मिली.
लापरवाही पड़ेगी भारी
सरकार जिस कोरोना संक्रमण के चेन को तोड़ने की बात करती है. अगर उसको लेकर आम आदमी ही लापरवाही दिखाएगा और संक्रमण के रोकथाम को लेकर पुलिस-प्रशासन की ही उदासीनता सामने आएगी तो फिर कोरोना को कैसे शिकस्त दी जा सकती है.
