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Kaimur: वैश्विक कोरोना (Corona) महामारी से दहशत मचा रखा है. इसी बीच कैमूर जिले के खजुरा पंचायत में एक माह में 50 लोगों की मौत से दहशत फैल गया है. खजुरा पंचायत के मुखिया के कहा कि  ‘इस पंचायत में एक माह में 50 लोगों की मौत हो चुकी है. साथ ही, पंचायत में कोविड (Covid) की जांच नहीं होने का आरोप लगाया है. 

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स्वास्थ्य केंद्र बना भूसा घर 
खजुरा पंचायत में दो उप स्वास्थ्य केंद्र और एक अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र है. दुर्गावती प्रखंड के खजुरा पंचायत का कर्मनाशा का उप स्वास्थ्य केंद्र सालों से ही बंद पड़ा हुआ है, जो अब तबेले में तब्दील है. यहां ग्रामीण परिसर में मवेशी बांधते हैं और कमरे में भूसा रखे हुए हैं.

साथ ही, खजुरा पड़ाव में उप स्वास्थ्य केंद्र बना तो है लेकिन वहां पर ना तो एएनएम जाती है और ना ही चिकित्सक बैठते हैं. इससे ग्रामीण निजी अस्पताल में इलाज कराने को मजबूर हैं. वहीं, खजुरा पंचायत के कुलहड़ीया गांव में बने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी बन कर बिल्डिंग तैयार है लेकिन वहां पर टीकाकरण को छोड़कर किसी कार्य के लिए न तो एनएम जाती है न ही चिकित्सक जाते हैं. ऐसे में लोगों को थोड़ा भी तबीयत खराब होने पर या तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गावती जाना पड़ता है या फिर निजी क्लीनिक के सहारे रहना पड़ता है.

50 लोगों की मौत 
पंचायत के मुखिया सौरभ पासवान बताते हैं कि ‘अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुलड़िया पिछले 10 सालों से बना हुआ है. लेकिन आज तक एएनएम या चिकित्सक बैठने का काम नहीं किया है. लोग पंचायत समिति से लेकर डीएम, एसडीएम, सहित दुर्गावती प्रखंड के सभी अधिकारी को सूचना दी है. लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया है.’ 

इस क्षेत्र में लगभग 50 लोगों की मौत लगभग एक महीने में हो चुकी है. इसमें से किसी भी मरीज की जांच नहीं हुई है इसलिए यह पता लगाना मुश्किल है कि इनकी मौत कोरोना से हुई है.  पंचायत द्वारा दुर्गावती अस्पताल के प्रभारी को मौतों के बारे में जानकारी दी. लेकिन उनका कहना था कि ‘समय नहीं है जिस कारण हम टीम को भेज कर जांच नहीं करा सकते है. आप अस्पताल भेजिए वहां जांच हो जाएगा.’ 

ग्रामीण बताते हैं कि ‘कर्मनाशा में बना उप स्वास्थ्य केंद्र काफी समय से ही बंद पड़ा हुआ है. जब खुलता था तो डॉक्टर कंपाउंडर रहते थे. लेकिन अब मवेशी बंधे हुए हैं और भूसा भरा हुआ है. सिर्फ टीकाकरण के लिए महीने में एक दिन आशा आती है. लेकिन गांव में किसी प्रकार का कोई सुविधा स्वास्थ्य विभाग का नहीं मिल पाती है.’

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प्रखंड विकास पदाधिकारी दुर्गावती बताते हैं कि ‘लगातार पंचायतों में कोविड टीम जा रही है. मेरा प्रखंड यूपी से सटा हुआ है, लोग बीमार होते है तो लोग यूपी चले जाते हैं. अगर यूपी के तरफ कोई घटना घटी होगी तो मैं बता नहीं सकता. मुझे आप लोगों द्वारा डाटा दिया गया है मैं उसकी जांच कराता हूं. आप लोग द्वारा जो आंकड़ा मरने वालों का दिया गया है उसको मैं एक-एक घर से वेरीफाई कराऊंगा.’

(इनपुट-मुकुल जायसवाल)