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गोरखपुर: कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर में कइयों ने अपनों को खोया. कई बच्चों के मां-बाप नहीं रहे. ऐसे में उनके पालन-पोषण और अच्छे जीवन की संभावनाओं पर खतरा मंडराने लगा. लेकिन गोरखपुर के जिलाधिकारी ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए ऐसे 27 अनाथ बच्चों को पालने का जिम्मा अपने कंधों पर लिया है. डीएम विजयेंद्र पांडियन इन सभी 27 बच्चों की पढ़ाए-लिखाएंगे और उनकी नौकरी से लेकर शादी होने तक एक पिता का कर्तव्य निभाएंगे. जानकारी के मुताबिक, इन बच्चों के मां-बाप जो संपत्ति छोड़ कर गए हैं, उसकी सुरक्षा भी डीएम करेंगे. इस संपत्तियों की निगरानी राजस्व विभाग करेगा.

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सरकार ने जारी किए निर्देश
डीएम विजयेंद्र पांडियन ने मीडिया को जानकारी दी कि कोरोना की वजह से बेसहारा और असहाय बच्चों की सुरक्षा और उनके अच्छे भविष्य की सुरक्षा करने के लिए सरकार ने निर्देश जारी किए हैं. इसके लिए जिलाधिकारी से लेकर पुलिस, पंचायती राज और शहरों में स्थानीय निकायों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. इन बच्चों के संरक्षक डीएम होंगे.

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सरकार हर महीने देगी 4000 रुपये
बताया जा रहा है कि अगर इन अनाथ बच्चों को उनका कोई रिश्तेदार रखना चाहता है तो सरकार मदद के लिए 4,000 रुपये हर महीने देगी. लेकिन अगर बच्चे को कोई नहीं रख रहा तो उसकी पूरी देखभाल प्रशासन करेगा. पढ़ाई करने वाले बच्चों को अटल और कस्तूरबा आवासीय स्कूलों में रखा जाएगा. अगर बच्चे 3 साल से कम उम्र के होंगे तो शिशु कल्याण केंद्र में रहेंगे. बेटियों की शादी भी सरकारी खर्च पर होगी.

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सरकार को भेजी जा रही है लिस्ट
डीएम ने बताया है कि 27 बच्चों की लिस्ट सरकार को भेजी जा रही है. अगर और बच्चों के बारे में पता चलेगा तो उनके भी नाम लिस्ट में एड किए जाएंगे. इसके लिए ब्लॉक में बीडीओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और कोटेदारों को लगाया गया है.

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