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Jaipur: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति से निपटने के लिए वैक्सीन, दवाओं, ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की त्वरित खरीद के लिए महत्वपूर्ण निर्णय किए गए.

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में वैक्सीनशन को गति देने तथा वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ग्लोबल टेंडर आमंत्रित करने के प्रस्ताव का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया. इससे विदेशी वैक्सीन निर्माताओं से वैक्सीन की 1 करोड़ डोज खरीदी जा सकेंगी. यह खरीद जल्द से जल्द हो, इसके लिए नेशनल हैल्थ मिशन (NHM) को नोडल एजेंसी बनाकर शीघ्र ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया जाएगा.

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मंत्रिपरिषद ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि कोरोना संक्रमण का तेजी से प्रसार हो रहा है. देशभर में बड़ी संख्या में मौतें भी हो रही हैं. लेकिन केंद्र सरकार से वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होने से टीकाकरण की गति काफी धीमी हो गई है. वैक्सीन की कमी के कारण प्रदेश में 18 से 44 आयु वर्ग के लिए तो वैक्सीनेशन कुछ ही स्थानों पर शुरू हो पाया है, जबकि दूसरी घातक लहर युवाओं को अधिक संक्रमित कर रही हैं. ऐसे में जीवन रक्षा के लिए वैक्सीनेशन को गति देना बेहद जरूरी है.

मंत्रिपरिषद ने इसके लिए विदेशी कंपनियों से वैक्सीन खरीद लिए ग्लोबल टेंडर पर सहमति व्यक्त की. बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि केंद्र सरकार द्वारा युवा वर्ग के लिए निःशुल्क वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण राज्य सरकार ने स्वयं के संसाधनों से करीब 3 हजार करोड़ रुपए व्यय कर निःशुल्क टीकाकरण का निर्णय किया है. ऐसे में तमाम प्रयास कर प्रदेश की इस युवा आबादी का टीकाकरण जल्द से जल्द कराया जाना बेहतर होगा.

मंत्रिपरिषद ने संकट की इस घड़ी में प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा के लिए विभिन्न जीवन रक्षक दवाओं, ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर मेडिकल उपकरण की खरीद तथा ऑक्सीजन परिवहन के लिए वित्तीय प्रक्रियाओं में शिथिलता के प्रस्तावों का भी अनुमोदन किया. इससे इन आवश्यक दवाओं तथा उपकरणों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में आसानी होगी और रोगियों को समय पर समुचित उपचार मिल सकेगा.

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कोविड में आपातकालीन प्रयोग के लिए मंजूर की गई औषधि 2डीजी केसीरीविमेब एवं इम्डीविमेव आदि के बाजार में उपलब्ध होने पर निर्माता कंपनी से सीधे ही उपापन करने तथा भविष्य में कोरोना की अन्य दवाओं को भी सीधे क्रय किए जाने के प्रस्ताव का भी बैठक में अनुमोदन किया गया.

राज्य मंत्रिपरिषद ने कोरोना संक्रमण के समय में प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा के लिए करीब 13 महीने से लगातार समर्पित सेवाएं दे रहे नर्सिंग कर्मियों की सराहना करते हुए अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस के अवसर पर नर्स ग्रेड-द्वितीय का पदनाम नर्सिंग ऑफिसर तथा नर्स ग्रेड-प्रथम का पदनाम सीनियर नर्सिंग ऑफिसर करने का निर्णय किया है. इससे उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी.

बैठक में निर्णय लिया गया कि जिलों में संक्रमण की स्थिति की गहन समीक्षा और उसके अनुरूप पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लोगों को राहत देने के लिए प्रभारी मंत्री जिलों का नियमित दौरा करेंगे. वीडियो कॉन्फ्रेंस, दूरभाष आदि के माध्यम से भी जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में रहेंगे जरूरतमंदों की मदद ‘कोई भूखा ना सोए’ के संकल्प को साकार करने तथा उपचार के लिए भामाशाहों. स्वयंसेवी संस्थाओं आदि के सहयोग से संसाधन जुटाने के लिए भी समन्वय करेंगे.

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कोविड प्रोटोकॉल एवं लॉकडाउन की प्रभावी पालन के लिए ग्राम स्तरीय समित्तियों को सक्रिय करने पंचायत स्तर तक के जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के साथ ही आगामी आवश्यकताओं के मद्देनजर फीडबैंक भी प्राप्त करेंगे.
 
मंत्रिपरिषद ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा के लिए हरसम्भव प्रयास कर रही है. इसके लिए वित्तीय संसाधनों की भी कोई कमी नहीं रखी जा रही है. लेकिन कोरोना का संक्रमण जिस गति से फैल है, उसके अनुरूप ऑक्सीजन की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में इस बात के प्रयास किए जाएं, जिनसे राज्य कोरोना से लड़ने के लिए मेडिकल ऑक्सीजन, आवश्यक दवाओं मेडिकल उपकरण सहित अन्य संसाधनों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की ओर आगे बढ़ें. क्योंकि विशेषज्ञों के मुताबिक यह महामारी कब खत्म होगी कोई नहीं कह सकता.

बैठक में बताया गया कि नगरीय विकास विभाग की ओर से 12 गरीय निकाय क्षेत्रों में 105 ऑक्सीजन प्लाटने के लिए कार्यादेश जारी कर दिया गया है. राज्य मंत्री परिषद ने प्रदेश के नागरिकों से ईद और आखातीज के अवसर पर जन अनुशासन का परिचय देने की अपील की है.