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नई दिल्लीः गृह मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को नई कोरोना गाइडलाइंस जारी की गई हैं. ये नई गाइडलाइंस 30 जून तक लागू रहेंगी. इन गाइडलाइंस में कहा गया है कि जिलों के स्तर पर कंटेनमेंट जोन बनाकर कोरोना वायरस को फैलने से रोका जाए. केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि कोरोना संक्रमण से प्रभावित इलाकों में सख्त लॉकडाउन और अन्य उपायों के चलते देश में इन दिनों नए एक्टिव मामलों में कमी देखी जा रही है. 

उन्होंने कहा कि ‘मैं इस बात को प्रमुख तौर पर कहना चाहता हूं कि कोरोना के मामले कम होने के बावजूद देश में एक्टिव केस की संख्या बहुत ज्यादा है. इसलिए जरूरी है कि कंटेनमेंट जोन्स में सख्ती से नियमों को लागू किया जाए.’ गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि ‘किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में स्थानीय स्थिति, जरूरतों और संसाधनों को समझते हुए, सही समय पर सूचीबद्ध तरीके से कोरोना नियमों में छूट दी जाए.’

गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइंस में राज्य सरकारों से ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स, आईसीयू बेड्स, वेंटिलेटर्स, एंबुलेंस आदि की पर्याप्त व्यवस्था की जाए. साथ ही मेकशिफ्ट अस्पताल, ऑक्सीजन और क्वारंटीन सुविधाओं का भी इंतजाम किया जाए. हालांकि गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइंस में देश में कहीं भी लॉकडाउन की बात नहीं की है. 

बता दें कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में गृह मंत्रालय ने 29 अप्रैल को कोरोना गाइडलाइंस जारी की थी, जो मई के महीने भी लागू रहीं. अब नई गाइडलाइंस आगामी 30 जून तक लागू रहेंगी. 

गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, जिन इलाकों  में कोरोना एक एक्टिव केस की संख्या 10 फीसदी से ज्यादा है और अस्पतालों में 60 फीसदी से ज्यादा बेड भरे हुए हैं. उन इलाकों को संवेदनशील घोषित कर सख्त लॉकडाउन लगाया जाए. 

गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस इसलिए भी अहम है क्योंकि कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने के बाद कुछ राज्यों में आगामी 1 जून से लॉकडाउन में छूट मिलने जा रही है.  कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना से काफी प्रभावित रहे मध्य प्रदेश में भी एक जून से लॉकडाउन में छूट दी जाएगी. हालांकि मॉल व सिनेमाहॉल को अभी भी बंद रखने का फैसला किया गया है. 

शादी समारोह के आयोजन में छूट दी गई है लेकिन इस दौरान अधिकतम 20 लोग शामिल हो सकते हैं. रेस्तरां आदि में खाना पैक कराकर अपने घर खा सकेंगे. धार्मिक स्थलों पर भी पुजारियों के साथ कुछ ही श्रद्धालु आरती में शामिल हो सकेंगे.