
Jaipur: जयपुर ग्रेटर नगर निगम में शुक्रवार को बड़ा हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ. नौबत यहां तक आ गई कि पार्षदों और आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव के बीच हाथापाई और धक्का मुक्की तक हो गई. इस मामले के बाद नगर निगम में जमकर हंगामा हुआ. एक तरफ पार्षद डटे रहे तो दूसरी तरफ सफाई कर्मचारियों ने आयुक्त के समर्थन में पार्षदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
इस पूरे मामले पर आयुक्त बीजेपी के 10 नगर निगम पार्षदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएंगे, जबकि मेयर सौम्या गुर्जर ने इन सभी आरोपों को खारिज किया.
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मेयर की मीटिंग में हाथापाई
दरअसल, बीवीजी कंपनी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को मेयर, पार्षदों और आयुक्त की मीटिंग चल रही थी. इसी बीच कई पार्षदों की आयुक्त के साथ कहासुनी हुई. कहासुनी के बाद हाथापाई हुई, जिसके बाद में निगम में पुलिस प्रशासन को तैनात किया गया. धीरे-धीरे मामला और गर्माता गया. एक तरफ निगम अधिकारी आयुक्त के पक्ष में एकजुट होने लगे, तो दूसरी तरफ सौम्या गुर्जर लगातार पार्षदों के पक्ष में खड़ी रही.
मेयर की गाड़ी रोकी, हंगामा बरपा
पूरे घटनाक्रम के बाद जब मेयर सौम्या गुर्जर निगम से लौटने लगी तो उनकी गाड़ी के सामने बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी, निगम कर्मचारियों ने मेयर की गाड़ी को रोका और हाथापाई की. पुलिस-प्रशासन ने कर्मचारियों को वहां से हटाया और मेयर को जाने का रास्ता मिला.
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आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव मेयर के जाने के बाद बाहर आए और उन्होंने 10 पार्षदों पर धक्कामुक्की के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि मीटिंग के दौरान कई पार्षदों ने मेरे साथ धक्का मुक्की और हाथापाई की. सभी पार्षदों की लिस्ट में मीडिया को सौपूंगा और इन पार्षदों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाऊंगा. उन्होंने होमगार्ड का रास्ता रोकने पर तीन जवानों को सस्पेंड भी कर दिया. ये भी कहा था कि कई गुंडों ने मेरे साथ बदसलूखी की.
