Bill clintons testify in epstein investigation: पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व विदेश मंत्री हिलरी क्लिंटन ने हाउस की जेफरी एपस्टीन जांच में गवाही देने के लिए सहमति दे दी है. यह जानकारी सोमवार देर रात मिली है. हालांकि, रिपब्लिकन नेता जेम्स कोमर ने कहा कि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है.
कोमर, जो हाउस ओवरसाइट कमिटी के अध्यक्ष हैं, वो दोनों क्लिंटनों के खिलाफ कांग्रेस की अवज्ञा की कार्रवाई को आगे बढ़ा रहे थे. क्लिंटन के वकीलों ने ओवरसाइट स्टाफ को ईमेल किया कि वे कोमर की मांगों को मानेंगे और परस्पर सहमति से तारीखों पर डिपॉजिशन देंगे. उन्होंने अनुरोध किया कि कोमर कार्रवाई को आगे न बढ़ाएं
क्लिंटन के प्रस्ताव को स्वीकार करने पर विचार कर रहे हैं कोमर
कोमर ने कहा कि उन्होंने अभी तुरंत आरोपों को नहीं हटाया है. अगर यह प्रस्ताव हाउस में पारित होता है और न्याय विभाग सफलतापूर्वक इसे लागू करता है, तो इसके तहत भारी जुर्माना और जेल की सजा का खतरा हो सकता है. कोमर ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने क्लिंटन के प्रस्ताव को स्वीकार करने पर विचार किया है, लेकिन यह पूरी तरह तय नहीं है कि वे कब और कैसे गवाही देंगे.
क्लिंटन के वकीलों ने पहले बिल क्लिंटन के लिए 4 घंटे का ट्रांसक्राइब्ड इंटरव्यू और हिलरी क्लिंटन के लिए शपथ पत्र जमा करने का ऑप्शन रखा था. हालांकि कोमर ने इसे अस्वीकार कर दिया और कहा कि दोनों को शपथपूर्वक डिपॉजिशन देना होगा. उन्होंने कहा कि क्लिंटन कानूनी प्रक्रियाओं की शर्तें खुद तय नहीं कर सकते हैं. ये कानून तय करेगा की उनको कब आना है कब नहीं.
पहले भी आदेशों को नजरअंदाज कर चुके हैं क्लिंटन
क्लिंटन ने पहले अगस्त में जारी आदेशों का पालन नहीं किया था. रिपब्लिकन नेता अब इसे गंभीर मुद्दा मानते हैं, क्योंकि बिल क्लिंटन का एपस्टीन के साथ रिश्ता पिछले कुछ दशकों में सुर्खियों में रहा है. हालांकि बिल क्लिंटन पर किसी गलत काम का आरोप नहीं है. हाउस ओवरसाइट कमिटी के कई डेमोक्रेट ने भी पारदर्शिता की मांग में रिपब्लिकन का समर्थन किया था.
डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज ने कहा कि उनके दल के सदस्यों के बीच इस पर चर्चा होगी और उन्होंने क्लिंटन पर अवज्ञा कार्रवाई का विरोध किया है. उनका कहना था कि कमिटी राजनीतिक बदला लेने में लगी है और ट्रंप प्रशासन द्वारा एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को देर से जारी करने के मामले को नजरअंदाज किया गया है. उन्होंने कहा कि क्लिंटन गवाही देने को तैयार थे, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया था.
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