
नोएडा: जेल में बंद शायद ही कोई कैदी होगा जो अपने घर जाने को तैयार न हो, वो तुरंत ही इसके लिए तैयारी करने लगेगा. जेल से निकलने के लिए कैदी फड़फड़ाता है कि उसे यहां से कैसे भी बाहर निकाल दिया जाए. लेकिन, इनमें से एक बंदी अपवाद बना हुआ है. क्या आपने कभी सुना है कि कोई कैदी अपने घर जाने के लिए तैयार न हो. ऐसा ही एक मामला यूपी के गौतमबुद्ध नगर से सामने आया है जहां पर एक कैदी ने पैरोल मिलने के बाद अपने घर जाने से मना कर दिया.
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जानिए क्या है पूरा माजरा
ये पूरा मामला उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर के जिला कारागार का है. कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर की भयावहता से तमाम लोग दहशत में हैं. इन्हीं में से एक है जेल में निरुद्ध बंदी. जी हां, इस बंदी की पेरोल स्वीकृत की जा चुकी है. बावजूद, वो बाहर आने को राजी नहीं है. बंदी ने जेल प्रशासन से स्पष्ट कर दिया है कि वो अभी बाहर नहीं जाना चाहता.
वाराणसी का रहने वाला एक कैदी अपने घर नहीं जाना चाहता है. इस कैदी को पैरोल मिल गई है. जानकारी के मुताबिक इस कैदी ने इस संबंध में जेल प्रशासन को लिखकर भी दे दिया है. जेल प्रशासन को लिखे गए पत्र में जो उसे बात लिखी है वो भी कुछ अलग ही है. दरअसल, नोएडा में एक मर्डर के मामले में उसे कोर्ट ने सजा सुनाई हुई है उसी की सजा काटने के लिए वो जेल में बंद है.
बाहर कोरोना खतरा ज्यादा है-कैदी
उसने गुजारिश करते हुए कि मैं जेल में हर रोज सुन रहा हूं कि बाहर कोरोना का संक्रमण बहुत फैला हुआ है. मैरे शहर वाराणसी के हालात भी अच्छे नहीं है. जबकि जेल में न तो कोरोना संक्रमण है और यहां पर कोरोना की वैक्सीन भी लग रही है. इसलिए मैं अपने घर नहीं जाना चाहता हूं. बंदी का कहना है कि बाहर की जगह वो अपने आप को जेल में ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहा है.
प्रशासन भी नहीं कर रहा सख्ती
कोरोना महामारी के चलते जेल के बंदियों को संक्रमण से बचाने के लिए सरकार ने कुछ नियमों के अनुसार पैरोल अंतरिम जमानत दी है. इसी के तहत उसको पैरोल मिली है. इस साल के आखिर में उसकी सजा पूरी भी होने वाली है. संदीप का लैटर मिलने के बाद जेल प्रशासन भी उसे घर भेजने के लिए सख्ती नहीं कर रहा है.
जेल में इस समय कुल 3 हजार बंदी है. इसमे से 27 बंदियों को पैरोल और 500 को अंतरिम जमानत दी गई है. पैरोल पाने वाले सभी 26 बंदी अपने घरों को चले गए हैं, लेकिन ये कैदी अपने घर नहीं गया है.
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