News in Brief

Ranchi: झारखंड में जब कोरोना संक्रमितों के लिए अस्पतालों में बेडों की कमी और उसके बाद जब लोगों की परेशानी बढ़ी तब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने इसके लिए तकनीक का सहारा लिया और पोर्टल और एप्प बनाकर लोगों की मदद प्रारंभ की. अब यह पोर्टल संक्रमितों और उनके परिजनों के लिए मददगार बन गया है.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सात मई को अमृत वाहिनी वेब पोर्टल और एप्प लांच किया था. इस पोर्टल और एप्प से कोविड के मरीजों को राज्य के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड की जानकारी और बुकिंग कराने की सुविधा दी गई है. ऐसे में सरकार की इस नई पहल से मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी राहत मिली है.

अमृत वाहिनी पोर्टल पर अभी तक कुल 80,858 लोगों ने विजिट किया है. इसके जरिए 585 मरीजों ने अस्पतालों में बेड की बुकिंग कराई है.

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरूण कुमार सिंह ने बताया कि चैट बॉक्स पर लोग चैट के जरिए भी जरूरी जानकारियां हासिल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मरीज कोविड से संबंधित चिकित्सीय परामर्श, प्लाज्मा दान, आहार चार्ट से संबंधित जानकारी प्राप्त कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें- बोकारो में कोरोना संकट के बीच अस्पताल खोलने का विरोध, जानिए क्या है वजह

उन्होंने बताया, ‘राज्य में रोजाना आने वाले संक्रमितों की संख्या में धीरे-धीरे कमी आ रही है. कोविड की वजह से होने वाली मौतों की संख्या भी घटी है. अस्पतालों के चक्कर काटने वालों की संख्या में काफी कमी आई है. मरीजों को घर बैठे ही समुचित जानकारी मिल रही है. जिन्हें बेड चाहिए वे घर बैठे ही बुकिंग करा पा रहे हैं. ऑक्सीजन की उपलब्धता सहित अन्य जानकारियां भी मिल रही है.

अमृतवाहिनी एवं चैटबोट का अभी तक 50 हजार से अधिक लोगों ने फायदा उठाते हुए आवश्यक जानकारियां हासिल की हैं.

उन्होंने बताया, ‘इस वेब पोर्टल और मोबाइल एप्प तथा चैटबोट के माध्यम से अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड और वेंटिलेटर युक्त आईसीयू की उपलब्धता और उसकी ऑनलाइन बुकिंग कराई जा सकती है. इसके अलावा, व्हाट्सएप चैटबोट के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श के साथ कोविड से संबंधित सभी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराई जा रही है.’

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी कहते हैं कि इस वेबसाइट और एप्प पर राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में कोविड सामान्य बेड, ऑक्सीजन युक्त बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर बेडों के उपलब्धता की रियल टाइम जानकारी मिल रही है.

संक्रमित आइसोलेशन में हैं वे भी इसके जरिए कोरोना मेडिकल किट प्राप्त कर रहे हैं तथा व्हाट्सएप चैटबोट पर ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श ले रहे हैं.

(इनपुट- आईएएनएस)